जयराम के दावे में कितना दम, समझिए सत्ता का समीकरण
बहुमत के आंकड़े को लेकर नई राजनीतिक संभावनाएं
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। डुमरी विधायक जयराम महतो के इस बयान के बाद कि राज्य में गैर BJP और गैर कांग्रेस सरकार बन सकती है, सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विधानसभा के 41 के बहुमत आंकड़े के गणित को देखते हुए नई संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
सुनील सिंह
रांची: डुमरी विधायक जयराम महतो ने एक ऐसा शिगूफा छोड़ दिया है जिसकी चर्चा हर तरफ है। झारखंड की राजनीति में अभी चर्चा इसी बात की है कि जयराम महतो आखिर किस आधार पर यह कह रहे हैं कि आने वाले दिनों में झारखंड की सरकार बदल जाएगी। नई सरकार गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी विहीन होगी। जयराम महतो के दावे के संबंध में कई लोग हमसे लगातार पूछ रहे हैं। उनके दावे पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन यह संभव भी है। जयराम के दावे को खारिज नहीं जा सकता है। आग है तभी धुआं है।

राजनीति में कब क्या हो जाए कहना मुश्किल है। लेकिन जयराम महतो कह रहे हैं तो बहुत संभव है कि उनसे इस मुद्दे पर बात हो रही है। इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं। निकट भविष्य में झारखंड की राजनीति में उलटफेर की पूरी संभावना है। अब यह किस रूप में सामने आएगा यह देखना होगा।
हेमंत सोरेन यदि झारखंड में कांग्रेस का साथ छोड़ते हैं तो वह कोई नया गठबंधन बना सकते हैं। भाजपा के साथ भी जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा इस दिशा में लगातार प्रयासरत है।
मई में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होने वाला है। यह यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से अहम साबित होने वाला है। जोड़तोड़ की राजनीति देखने को मिलेगी। झारखंड का राज्यसभा चुनाव पूरे देश में कई बार चर्चित हो चुका है। राज्यसभा चुनाव झारखंड की राजनीति में टर्निंग प्वाइंट हो सकता है।
