Palamu News: उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही धूमधाम से संपन्न हुआ चैती छठ
मंदेया नदी और कर्मा कलां डैम रहे मुख्य आकर्षण के केंद्र
लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व चैती छठ का बुधवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया। छतरपुर के मंदेया नदी, कर्मा कलां डैम और अन्य जलाशयों पर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर की आराधना की। नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता 'चुनमुन' और स्थानीय युवाओं के सहयोग से घाटों पर पेयजल, चाय और बेहतर प्रकाश की व्यवस्था की गई थी। 22 मार्च से शुरू हुआ यह कठिन अनुष्ठान आज सुख-समृद्धि और संतान की लंबी उम्र की मंगलकामना के साथ संपन्न हुआ।
छत्तरपुर: उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही आज चार दिवसीय सबसे कठिन उपवास में से एक चैती छठ का सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी, तालाबों और विभिन्न छठ घाटों पर पहुंचे। जहां छठ व्रती पानी में घंटों खड़े होकर भगवान भास्कर की आराधना की। लोक आस्था के चैती छठ महापर्व के चौथे दिन छत्तरपुर इलाके के विभिन्न छठ घाटों सहित मंदेया नदी,कर्मा कलां डैम में छठ व्रती महिलाओं और पुरुषों ने उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।

बता दें कि छठ घाटों पर नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता चुनमुन और नवयुवकों द्वारा छठ व्रतियों को कोई परेशानियां ना हो इसको लेकर कुछ अलग विधि व्यवस्था किए गए थे। साथ ही छठ घाट पर पेयजल और चाय की व्यवस्था भी की गई थी। बताते चलें कि कार्तिक मास के अलावा चैत्र के महीने में भी इलाके में छठ पूजा होती है, जिसे चैती छठ कहते हैं। इस साल ये 22 मार्च, 2026 से शुरू हुई, जो आज 25 मार्च को उगते सूर्यदेव को अर्घ्य देने के साथ ही समाप्त हुआ।
