झारखंड हाईकोर्ट में जजों की कमी से न्याय व्यवस्था प्रभावित, जल्द नियुक्ति की मांग
लंबित मामलों की संख्या में लगातार वृद्धि
झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के कई पद खाली होने के कारण न्याय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। लंबित मामलों की संख्या बढ़ने से लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को उठाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने Department of Justice को पत्र भेजकर जल्द नियुक्ति की मांग की है।
रांची: झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के कुल 25 स्वीकृत पदों के विरुद्ध कई पद वर्तमान में रिक्त हैं। इन रिक्तियों के कारण न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि “न्याय में विलंब, न्याय से वंचित होने के समान है।” ऐसे में पर्याप्त संख्या में न्यायाधीशों की नियुक्ति न होना न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। लाखों वादकारियों की उम्मीदें न्यायालय से जुड़ी होती हैं, लेकिन जजों की कमी के कारण मामलों का निपटारा धीमी गति से हो रहा है।
खंडेलवाल ने पत्र में आग्रह किया है कि रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन हो सके और आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत हो।
यह पत्र नियुक्ति प्रभाग के निदेशक नारायण प्रसाद को भी प्रेषित किया गया है। खंडेलवाल ने उम्मीद जताई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
