Palamu News : हुसैनाबाद में नीलगायों का आतंक गेहूं-सब्जी बर्बाद, खेती छोड़ने को मजबूर किसान
हुसैनाबाद क्षेत्र में फसल बचाना चुनौती, पुदीना बना किसानों के लिए नई उम्मीद
पलामू जिले के हुसैनाबाद, हैदरनगर और मोहम्मदगंज में नीलगायों से फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान वैकल्पिक उपाय तलाश रहे हैं।
पलामू : जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल के हुसैनाबाद, हैदरनगर और मोहम्मदगंज क्षेत्रों में नीलगायों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि किसानों की महीनों की मेहनत पर पल भर में पानी फिर जा रहा है। गेहूं की फसल रौंदी जा रही है। सब्ज़ी और अरहर एवं चना की खेती कई किसानों ने पूरी तरह छोड़ दी है। हालात यह है कि अब खेती करना ही नहीं, बल्कि अनाज को सुरक्षित घर तक लाना भी एक जोखिम भरा काम बन गया है।
किसानों का कहना है कि नीलगायों से फसल बचाने के लिए खेतों के चारों ओर कंटीले तार लगाए गए। कुछ जगहों पर उनमें बिजली करंट भी प्रवाहित किया गया, लेकिन इससे अनजाने में मानव जीवन पर खतरा बढ़ने लगा, जिससे यह उपाय भी टिकाऊ नहीं रह गया। थक-हारकर अब किसान वही फसलें छोड़ रहे हैं जो नीलगायों को अधिक पसंद हैं। नतीजा यह है कि आय घट रही है, कर्ज़ बढ़ रहा है और खेती से मोहभंग गहराता जा रहा है।
इसी बीच हुसैनाबाद के दंगवार क्षेत्र में एक वैकल्पिक राह दिखी है। वीकेएस एग्रिफार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक एवं प्रगतिशील किसान प्रिय रंजन सिंह ने मंगलवार को बताया कि पुदीना (पिपरमेंट) की तेज़ खुशबू नीलगायों को फसल के पास आने से रोकती है। उनका अनुभव है कि गेहूं या सब्ज़ी की खेती के चारों ओर पहले पुदीना लगाया जाए और बीच में मुख्य फसल बोई जाए, तो नुकसान काफी हद तक रोका जा सकता है। पुदीना न केवल सुरक्षा कवच बनता है, बल्कि अतिरिक्त आय का जरिया भी साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर, नीलगायों ने किसानों की नाक में दम कर रखा है। ज़रूरत है कि प्रशासन, कृषि विभाग और वन विभाग मिलकर व्यवहारिक समाधान लागू करें-जैसे सामुदायिक बाड़, वैज्ञानिक रिपेलेंट, वैकल्पिक फसल पैटर्न और क्षति मुआवज़ा, ताकि किसान फिर से भरोसे के साथ खेतों में उतर सकें। वरना खेती से पलायन की यह पीड़ा और गहरी होती चली जाएगी।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
