जेपीएससी उम्र सीमा विवाद: राज्यपाल से मिले छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला, Cut-off तिथि बदलने की मांग
राज्यपाल ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार का दिया आश्वासन
जेपीएससी परीक्षा में उम्र सीमा विवाद को लेकर छात्र नेताओं ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि परीक्षाओं में देरी के कारण हजारों अभ्यर्थी उम्र सीमा से बाहर हो रहे हैं।
मेदिनीनगर, पलामू : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की आगामी परीक्षाओं में उम्र सीमा को लेकर बढ़ते विवाद के बीच छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर अभ्यर्थियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा और उम्र सीमा में विशेष छूट देने की गुहार लगाई।
9 वर्षों का 'जंप' बना छात्रों के लिए मुसीबत

उन्होंने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि: आगामी विज्ञापन में उम्र सीमा की कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2026 तय की गई है, जबकि पिछली परीक्षा (11वीं–13वीं) में यह तिथि 2017 के आधार पर थी। सीधे 9 साल के इस बदलाव के कारण हजारों अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
राज्यपाल ने दिया आश्वासन
छात्रों की दलीलें सुनने के बाद महामहिम राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि वे इस संवेदनशील विषय पर मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे और छात्रों के हित में उचित समाधान निकालने की पहल करेंगे।
आंदोलन की चेतावनी
इस मौके पर छात्र नेता के साथ देवेंद्र नाथ महतो, जीवित जी, विकास जी और विनय जी जैसे कई क्रांतिकारी साथी उपस्थित थे। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उम्र सीमा में छूट (Cut-off date 2018 करने की मांग) पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो छात्र एक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सत्यनारायण शुक्ला ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार लाखों युवाओं के भविष्य को देखते हुए जल्द ही कट-ऑफ तिथि में संशोधन का आदेश जारी करेगी।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
