परदेसी पाड़ा में अतिक्रमित जमीन पर बन रही मस्जिद, टाटा लैंड विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
प्रशासन कई बार निर्माण रोक चुका, फिर भी जारी है मस्जिद निर्माण
जमशेदपुर के परदेसी पाड़ा में टाटा लीज क्षेत्र की कथित अतिक्रमित जमीन पर बन रही मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। प्रशासन कई बार निर्माण रोक चुका है, लेकिन काम लगातार जारी है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि 10 दिसंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
जमशेदपुर : परदेसी पाड़ा में टाटा लीज एरिया की अतिक्रमण की हुई जमीन पर मस्जिद बनाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने मंगलवार को एक बैठक की और इस मुद्दे से गंभीरता से चर्चा की। बैठक के संबंध में जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा ने बताया कि उन्हें बैठक में बुलाया गया। बैठक में इस बात को लेकर चर्चा हुई कि परदेसी पाड़ा में जो मस्जिद बनाई जा रही है, उसका पहले भी अनेक बार विरोध हो चुका है। विरोध के बाद निर्माण कार्य बंद कर दिया गया था।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि परदेसी पाड़ा मस्जिद में वहां की आबादी से कई गुना ज्यादा लोग नमाज पढ़ने आते हैं। प्रशासन को यह पता करना चाहिए कि ये लोग कहां के हैं टाटा लीज एरिया में बन रहे इस मस्जिद के निर्माण को प्रशासन ने कई बार रोका लेकिन इनकी पहुंच इतनी है कि निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। टाटा लैंड डिपार्टमेंट के अफसर क्यों मौन हैं, यह भी समझ से परे है।
लोगों का कहना था कि सोनारी के निचले क्षेत्र की बस्तियों में घुसपैठिए निवास कर रहे हैं। कहीं ये घुसपैठिए तो नहीं हैं प्रशासन को इसकी भी जानकारी कर लेनी चाहिए। मुकुल मिश्रा के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने तय किया है कि यदि इस संबंध में 10 दिसंबर तक प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं करता है तो परदेसी पाड़ा में ही वीर मंच अखाड़ा के प्रांगण में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा ताकि प्रशासन की नींद खुल सके।
बैठक में अरुण तिवारी, विनोद प्रसाद, दिनेश पांडे, अशोक जायसवाल, विजय कुमार, बलराम ठाकुर, अजय अग्रवाल, विनोद सिंह, रविशंकर सिंह, सुरेंद्र सिंह, उत्तम कुमार, अशोक सिन्हा, मुकेश साहू, नरेश सिंह सहित कई दर्जनों लोग उपस्थित थे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
