स्वर्णरेखा पुल निर्माण को लेकर विधायक ने उठाए सवाल, पथ निर्माण विभाग पर पक्षपात का आरोप
जमशेदपुर में पुल निर्माण कार्य को दोबारा शुरू कराने के कार्यक्रम पर आपत्ति
स्वर्णरेखा नदी पुल निर्माण कार्य को लेकर विधायक ने पथ निर्माण विभाग और संवेदक पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि काम पहले से चल रहा था और दोबारा शुरुआत का जश्न गलत है।
जमशेदपुर : विधानसभा समिति के राज्य के भीतर भ्रमण कार्यक्रम के सिलसिले में आज गोड्डा जिला में था।सोशल मीडिया से पता चला कि लिट्टी चौक से एनएच-33 भिलाई पहाड़ी को जोड़ने वाले स्वर्णरेखा नदी पर पुल एवं पहुंच पथ के निर्माण का कार्य आज पथ निर्माण विभाग ने जमशेदपुर पूर्व की विधायक की उपस्थिति में शुरू कराया है। प्रसारित समाचार से ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो इस परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास मेरी उपस्थिति में मुख्यमंत्री द्वारा किये जाने के बाद से काम रूक गया था, जिसे पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं की उपस्थिति में आज (बुधवार) शुरू किया गया है।
कोई विधायक अपने क्षेत्र से जुड़े विकास कार्य का श्रेय लेना चाहे तो यह स्वभाविक है, मगर पथ निर्माण विभाग के अभियंता इसमें पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाएं और विकास कार्य के राजनीतिक पहलू को प्रदर्शित करवे वाले कार्यक्रम के साथ शामिल हों तो यह सर्वथा अस्वाभाविक और निहायत ही गलत है। इस कार्यक्रम में ऐसा ही हुआ है। पथ निर्माण विभाग के अभियंता बखूबी जानते हैं कि इस परियोजना का शिलान्यास होने के बाद पुल और पहुंच पथ का काम शुरू हो गया था। काम के दौरान पुल के डिजाइन में त्रुटि उजागर हुई।नदी के मानगो छोर की ओर इसका अंतिम पाया सही स्थान पर नही था। इसलिए तत्काल काम रोक कर डिजाइन में सुध्रार कराया गया था। पहुंच पथ का काम तो रूका ही नही था।

