गांव से लेकर वर्दी तक: हजारीबाग के रोबिन कुमार ने पाई JPSC में 7वीं रैंक
“मेहनत कभी बेकार नहीं जाती” — रोबिन की सफलता का मूल मंत्र
Story - हजारीबाग: शुक्रवार सुबह 2 बजे जैसे ही झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का फाइनल परिणाम घोषित हुआ, पूरे राज्य में कई चेहरों पर सफलता की चमक बिखर गई. इसी कड़ी में हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित गंगादोहर गांव के रोबिन कुमार ने प्रदेशभर में सातवीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है. रोबिन अब झारखंड में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर सेवा देंगे.
साधारण किसान परिवार से आने वाले रोबिन की कहानी संघर्ष, धैर्य और दृढ़ संकल्प की मिसाल है. उनके पिता किसानी करते हैं, वहीं माता गृहिणी हैं. प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने बड़कागांव के सरकारी विद्यालय से प्राप्त की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने मारखम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक किया और हजारीबाग में लॉज में रहकर अपनी तैयारी जारी रखी.

जेपीएससी परिणाम घोषित होने के बाद रोबिन के लॉज में जश्न का माहौल है. उनके माता-पिता गांव में ही हैं और बेटे की सफलता की खबर सुनकर भावुक हो उठे. रोबिन के बड़े भाई, जो वर्तमान में झारखंड पुलिस में कार्यरत हैं और बीते सात वर्षों से जेपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, ने भी खुशी जताते हुए कहा कि, “आज रोबिन की सफलता ने हमारे परिवार को एक नई उम्मीद दी है, अब मेरा विश्वास और मजबूत हो गया है कि मेरी बारी भी जल्द आएगी.”

रोबिन की यह सफलता न केवल एक व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती.
Senior Technical Editor | Writer | Asst. Editor, Political, Geopolitical & Social Affairs
Working across digital media, technology, public discourse, and contemporary political developments.
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