गिरिडीह के राजेश पाठक देश के शीर्ष 100 कवियों में शामिल
हिंदी पखवाड़ा के दौरान आयोजित हुई राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता
गिरिडीह के राजेश पाठक का चयन राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता में शीर्ष 100 कवियों में किया गया है। उनकी कविता “गांव” को ग्रामीण जीवन की संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए सराहा गया।
गिरिडीह : गिरिडीह के राजेश पाठक का नाम राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता के शीर्ष सौ कवियों में शामिल किया गया है। यह प्रतियोगिता बीते सितम्बर माह हिंदी पखवाड़ा के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता द्वारा आयोजित की गई थी जिसमें देश भर से हजारों कवियों ने भाग लिया था।

पाठक को इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चयन उनकी कविता "गांव" के लिए किया गया है।
क्या कहती है कविता
गांव चाहता है/बची रहे संवेदना/
बचा रहे भोलापन/व अपनापन भी/बची रहे पुरखों की विरासत/
बचे रहें दो जोड़े बैल/
और बची रहे/
कुछ धुर ही सही/
पर उपजाऊ जमीन/
गांव नहीं चाहता/
पूरा का पूरा शहर बनना/
कि उसकी उपजाऊ जमीन पर/
उगने लगें/मकान की फसलें/
वह चाहता है/बची रहें
संवेदनशील नस्लें/
गांव को पूरा का पूरा/
शहर बनाने की कवायद/
ठीक वैसे ही है/
जैसे कोई मां - बाप/
थोप जाते हैं/
अपने बच्चों के माथे पर/
अपनी महत्वाकांक्षाओं के बोझ/
बिना उनकी/
क्षमता, रूचि व प्रकृति को जाने..
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
