गिरिडीह में जिला स्तरीय किसान मेला-सह-फसल प्रदर्शनी का आयोजन
पचम्बा मैदान में 18 स्टॉलों पर कृषि तकनीक का प्रदर्शन
गिरिडीह के किसान मेले में कृषि, उद्यान, पशुपालन और मत्स्य विभाग द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को नई तकनीक और योजनाओं की जानकारी मिली। कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और उपकरण वितरित कर खेती को लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया।
गिरिडीह : अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र पचम्बा मैदान में जिला स्तरीय किसान मेला-सह-फसल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त रामनिवास यादव एवं उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

मेले में कृषि एवं संबंधित विभागों, कृषि विज्ञान केंद्र, एफपीओ तथा खाद-बीज भंडार सहित कुल 18 स्टॉल लगाए गए थे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, किसान मित्र, एग्री स्मार्ट ग्राम एवं कृषक पाठशाला के प्रतिनिधि, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, जनसेवक, एग्री क्लीनिक के कर्मी, कृषक उत्पादक संगठन तथा विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि यह मेला किसानों को नई तकनीक, जैविक खेती, उद्यानिकी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में उन्नति के अवसर प्रदान करेगा। किसानों को उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने, विपणन रणनीतियों तथा पर्यावरण अनुकूल खेती की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर कृषि उपकरण, तकनीकी नवाचार, जैविक उत्पाद, फसल, फल, फूल एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिल रही है, जिससे उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी। फल एवं सब्जी प्रदर्शनी ने किसानों को बेहतर उत्पादन एवं संरक्षण के नए तरीकों से भी परिचित कराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि यह मेला किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि अधिक किसान इससे जुड़ सकें। उन्होंने तकनीकी तरीके से खेती, समय पर छिड़काव और सिंचाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही। जल संरक्षण के लिए चेक डैम, तालाब एवं कूप जैसी योजनाओं पर जोर देने की आवश्यकता बताई, ताकि सिंचाई सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाकर लागत कम करने की सलाह दी। उन्होंने बीज चयन, बीज की मात्रा, समय पर सिंचाई, पौधों की उचित दूरी, बीज उपचार तथा रोग नियंत्रण के लिए अनुशंसित दवाओं के उपयोग की जानकारी दी। साथ ही नीम, करंज और सरसों खली जैसे जैविक विकल्पों के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक खेती से किसानों का मुनाफा 5 से 7 गुना तक बढ़ सकता है।
उन्होंने बताया कि आत्मा योजना किसानों के बीच कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार के लिए कार्य कर रही है तथा प्रखंड स्तर पर तकनीकी प्रबंधक और किसान मित्र किसानों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। किसान मेला के माध्यम से विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर किसानों को योजनाओं की जानकारी और आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
मेले के दौरान कई लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया। एक आजीविका समूह को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई, जबकि मत्स्य विभाग द्वारा पांच लाभुकों को मोटरसाइकिल और आईसबॉक्स प्रदान किए गए।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
