श्रमिक कानूनों के खिलाफ एकजुट हुए कर्मचारी-मजदूर, मंत्री सुदिव्य कुमार ने दिया नैतिक समर्थन
जिला सम्मेलन में नए श्रम कानूनों को बताया श्रमिक विरोधी
गिरिडीह में आयोजित जिला कर्मचारी-शिक्षक-मजदूर सम्मेलन में नए लेबर कानूनों का विरोध हुआ। मंत्री सुदिव्य कुमार ने इसे श्रमिक विरोधी बताते हुए 12 फरवरी की हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया।
गिरिडीह : केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए श्रमिक कानून के विरोध में रविवार को गिरिडीह एलआइसी ऑफिस में जिला कर्मचारी, शिक्षक, मजदूर समन्वय समिति के बैनर तले जिला सम्मेलन का आयोजन किया गया।सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार शामिल हुए। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सीटू के महासचिव विश्वजीत देव एवं बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल के महासचिव जे सी मित्तल, अशोक कुमार सिंह समेत अन्य लोग शामिल थे।

मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा देश के भीतर ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं कि श्रमिकों के हित और कल्याणकारी मूल अवधारणाओं की बात करने वालों को देशद्रोही साबित कर दिए जाता है। कहा सरकारें जब जनता से डरना छोड़ देती है तो निरंकुश हो जाती है।नसरकार के निरंकुश हो जाने पर न्याय की उम्मीद करना कठिन हो जाता है। मंत्री ने आगे कहा अन्याय और जुर्म के खिलाफ आवाज उठाना इतिहास का हिस्सा बनता है, जबकि चुप रहना अपराध का हिस्सा बन जाता है। कहा सरकार के ग़लत नीतियों का विरोध हम सबों को मिलकर करना होगा।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने अपने विचार रखा और लेबर कानून सहित केंद्र सरकार की अन्य जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मुखर हो कर आवाज उठाने की बात कही। सम्मेलन के अंत में प्रस्ताव पारित कर नए लेबर कोड को वापस लेने की मांग की गई। मौके पर कर्मचारी महासंघ के अशोक सिंह ने कहा अगर सरकार श्रम विरोधी बिल को वापस नहीं लेती है तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
