दुबई में फंसे झारखंड के 11 मजदूरों की वतन वापसी, घर लौटते ही छलकी खुशी
11 प्रवासी मजदूर लौटे वतन, परिवारों में खुशी की लहर
दुबई में काम करने गए झारखंड के मजदूर मजदूरी न मिलने के कारण मुश्किल में फंस गए थे। सरकार की पहल और समाजसेवी प्रयासों से 11 मजदूर सुरक्षित भारत लौट आए। मजदूरों ने रोजगार की कमी को विदेश जाने की मजबूरी बताया और सरकार से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की।
रांची : दुबई में फंसे झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों में से 11 मजदूर बुधवार को सकुशल भारत लौट आए। सभी मजदूर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता पहुंचे, जहां समाजसेवी सिकन्दर अली ने उनका स्वागत किया और बस से हावड़ा स्टेशन के लिए रवाना किया गया।
मजदूरों ने कहा – देश में मिले रोजगार तो विदेश जाने की जरूरत नहीं

मजदूरी नहीं मिलने से बढ़ी थी परेशानी
ये सभी मजदूर अक्टूबर 2025 में दुबई की EMC कंपनी में ट्रांसमिशन लाइन का काम करने गए थे। मजदूरों के अनुसार कंपनी द्वारा समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था और उनसे अधिक समय तक काम लिया जा रहा था, जिससे खाने-पीने और रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी।
वीडियो जारी कर सरकार से लगाई थी मदद की गुहार
फंसे मजदूरों ने वीडियो के माध्यम से अपनी पीड़ा साझा कर सरकार से मदद की अपील की थी, जिसके बाद मामला सामने आया।
सरकार की सक्रियता से संभव हुई वापसी
झारखंड सरकार और केंद्र सरकार की पहल के बाद मजदूरों की वतन वापसी संभव हो सकी। समाजसेवी सिकन्दर अली ने कहा कि रोजी-रोटी के लिए लोगों को घर छोड़ना पड़ता है, इसलिए सरकार को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
लौटे मजदूरों में कई जिलों के श्रमिक शामिल
वतन लौटे मजदूर गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जिलों के विभिन्न प्रखंडों और गांवों से जुड़े हैं, जिनमें राजेश महतो, अजय कुमार, डालेश्वर महतो, जागेश्वर महतो, बैजनाथ महतो, दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो, दीपक कुमार, रोहित महतो और सेवा महतो शामिल हैं।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
