Dumka News: चापाकल बंद, सोलर टंकी बेकार—पानी के लिए तरस रहे पहाड़िया टोला के लोग
50 आदिवासी परिवारों को स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा
दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड के खड़ीबाड़ी गांव स्थित पहाड़िया टोला में पेयजल संकट गहरा गया है। लगभग 50 आदिवासी परिवार खराब चापाकलों और बंद सोलर टंकी के कारण स्वच्छ पानी से वंचित हैं। ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर झरना और कुएं से पानी लाना पड़ रहा है।
दुमका : गोपीकांदर प्रखंड अंतर्गत खड़ीबाड़ी गांव के पहाड़िया टोला में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इस टोला में लगभग 50 पहाड़िया आदिवासी परिवार निवास करते हैं, जो लंबे समय से स्वच्छ पेयजल के अभाव से जूझ रहे हैं।

स्थिति यह है कि ग्रामीणों को लगभग एक किलोमीटर दूर खेत के पास स्थित झरना एवं कुएं से पानी लाकर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रदूषित पानी के सेवन से सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी बीमारियां फैल रही हैं। साथ ही, पानी लाने के लिए जंगल के पथरीले रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे दो महीने पूर्व प्रखंड कार्यालय में लिखित आवेदन दे चुके हैं। आवेदन के बाद मिस्त्री गांव भी आए थे, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
इसके अतिरिक्त, टोला में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एक वर्ष पूर्व पानी की टंकी एवं नल लगाया गया था, लेकिन आज तक नल से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सोलर टंकी एवं चापाकलों की मरम्मत कराई जाए तथा आंगनबाड़ी केंद्र में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
इस मौके पर रमेश देहरी, राजेश कुंवर, दुर्गी महारानी, सुकली महारानी, लीलावती महारानी, रूपी महारानी, शांति महारानी, फुलमुनी महारानी, प्रिया कुमारी, रामजीत देहरी, लाखिंदर देहरी, अर्जुन देहरी के साथ काफी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित थे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
