प्रशासन के हस्तक्षेप से श्रमिकों को मिली लंबित मजदूरी की राहत
चार श्रमिकों की शिकायत पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया
बोकारो में एम/एस लक्ष्या पावरटेक प्रा. लि. के 307 श्रमिकों को प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद लंबित मजदूरी का भुगतान कराया गया।
बोकारो : एम/एस लक्ष्या पावरटेक प्रा. लि. के श्रमिक संजय कुमार महतो सहित चार अन्य कामगारों द्वारा प्रस्तुत शिकायत के आलोक में प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया। शिकायत एम/एस लक्ष्या पावरटेक प्रा. लि. से संबंधित थी, जो कि एम/एस इक्विनॉक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड (ओएनजीसी लिमिटेड के मुख्य ठेकेदार) की उप-ठेकेदार कंपनी है।

प्रशासन की ओर से सतत समझाइश, प्रभावी हस्तक्षेप एवं समन्वयात्मक प्रयास किए गए, जिसके फलस्वरूप श्रमिकों को लंबित मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित कराया जा सका। शिकायतकर्ता चार श्रमिकों को 1,44,470 रुपये का भुगतान किया गया। इसके अतिरिक्त, एम/एस लक्ष्या पावरटेक प्रा. लि. के 295 अन्य श्रमिकों को 57,82,111.50 रुपये की राशि का भुगतान कराया गया।
इस प्रकार, कुल 307 श्रमिकों को 61,86,598.50 रुपये की राशि का भुगतान सुनिश्चित हुआ। उल्लेखनीय है कि इस कुल राशि में पूर्व में निपटाई जा चुकी दो शिकायतों के अंतर्गत किया गया भुगतान भी सम्मिलित है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन द्वारा श्रमिक हितों की रक्षा हेतु निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (केंद्रीय) दुर्गा प्रसाद बारीक ने कहा कि श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा एवं समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी स्तर पर श्रमिकों के शोषण या मजदूरी भुगतान में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
