Bokaro News: डीसी ने बटन क्लिक कर आरटीई नामांकन पोर्टल का किया शुभारंभ
व्यापक जागरूकता अभियान का निर्देश
बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने rtebokaro.com पोर्टल का शुभारंभ किया है, जिसके माध्यम से अब गरीब और वंचित वर्ग के बच्चे निजी स्कूलों में मुफ्त नामांकन के लिए 5 मार्च से 4 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत जिले के 51 प्राइवेट स्कूलों की 1434 सीटों पर 3 से 7 वर्ष के बच्चों का चयन पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अभिभावक अपने घर से 1, 3 और 6 किलोमीटर की निर्धारित परिधि वाले स्कूलों को चुन सकते हैं, जिसकी निगरानी के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर विशेष कमेटियां गठित की गई हैं।
बोकारो: गोपनीय कार्यालय कक्ष में गुरूवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने बटन क्लिक कर आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत ऑनलाइन नामांकन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। उपायुक्त ने कहा कि आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में नामांकन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता, सरलता एवं समयबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की गई है। उपायुक्त ने बताया कि आरटीई के तहत नामांकन के लिए अभिभावक 5 मार्च से 4 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अभिभावक अपने बच्चों के नामांकन के लिए rtebokaro.com पोर्टल पर जाकर आवश्यक जानकारी भरकर आवेदन कर सकते हैं।

नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए प्रखंड एवं जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा। प्रखंड स्तरीय कमेटी में संबंधित प्रखंड के बीडीओ - सीओ अध्यक्ष होंगे तथा बीईईओ सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे। वहीं, जिला स्तरीय कमेटी में उप विकास आयुक्त अध्यक्ष होंगे तथा जिला शिक्षा अधीक्षक सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे। ये कमेटियां आवेदन की जांच, सत्यापन एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगी तथा पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट सूची तैयार करने का कार्य करेंगी।उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरटीई योजना की जानकारी अधिक से अधिक अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए जागरूकता वैन, पंपलेट वितरण, प्रचार सामग्री तथा समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से लोगों को योजना के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकें। उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि आरटीई अधिनियम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी योग्य एवं मेधावी बच्चा केवल आर्थिक कारणों से शिक्षा के अवसर से वंचित नहीं रह जाए, यह सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नामांकन प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि आरटीई अधिनियम की मूल भावना को साकार किया जा सके।
