वो सिर्फ शहीद की पत्नी नहीं, एक सवाल है इस देश की याददाश्त पर, पाक मैच से पहले ऐशान्या की टूटी चुप्पी
तीन महीने बीते, दर्द वही है, पहलगाम हमले की विधवा ने BCCI को सुनाई खरी खोटी
समृद्ध डेस्क: कानपुर की 27 वर्षीय ऐशन्या द्विवेदी ने बड़ी निर्ममता से 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए अपने नवविवाहित पति शुभम द्विवेदी की याद में BCCI और संरक्षणप्राप्त AISA कप में भारत पाकिस्तान मैच की अनुमति देने पर तीखा विरोध जताया है।
ऐशन्या कहती हैं कि सिर्फ तीन महीने में हम भूलने लगे हैं कि 26 निर्दोष देशवासियों की जानें गईं, इनमें उनका प्रिय पति सबसे पहले था। वेले में किये गए इस बर्बर मंजर में आतंकियों ने धर्म के आधार पर पहचान पूछी और फिर हमला कर दिया
ऐशान्या की मुख्य मांगें:
• सरकार आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।
• क्रिकेट को राजनीति और राष्ट्रीय दर्द से अलग रखा जाए।

ऐशान्या कहती हैं कि वे अब बाहर निकलने से डरने लगी हैं। घर में ज्यादातर समय अपने पति की तस्वीर और उस शर्ट को देखती हैं, जिसमें उसे गोली लगी थी। हर तेज आवाज उन्हें बेचैन कर देती
राजनीतिक और सार्वजनिक प्रतिक्रिया:
• कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परिवार से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि वह प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखेंगे और लोकसभा में यह मुद्दा उठाएंगे
• उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को पूरा समर्थन देने का निर्देश दिया। शुभम के शरीर को सम्मानपूर्वक कानपुर लाने की व्यवस्था की गई
भारत सरकार ने ‘Operation Sindoor’ के तहत आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला कर हमला करने वालों को निशाना बनाया, जिस पर ऐशान्या ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद कहा कि उन्होंने दुखी परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा, Pahalgam हमले पर व्यापक राष्ट्रीय आक्रोश है – मासिक स्मृति दिवसों तक मामला देश-भर की राजनीति और जन चेतना का हिस्सा बना हुआ है
समृद्ध डेस्क (Samridh Desk), समृद्ध झारखंड का आधिकारिक संपादकीय विभाग है, जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सामाजिक जागरूक पत्रकारिता के लिए समर्पित है। हम अनुभवी संपादकों, रिपोर्टरों, डिजिटल संवाददाताओं और कंटेंट राइटर्स की टीम हैं, जो सत्य और जिम्मेदारी की भावना से समाज के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करती है।
हम हर खबर को तथ्यों, निष्पक्षता और जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को केवल सूचना नहीं, बल्कि सच्चाई का पूरा चित्र मिले।
