अमेरिका से असीम मुनीर की भारत को परमाणु हमले की गीदड़भभकी: ट्रंप के साथ मुलाकात ने बढ़ाई भारत-अमेरिका संबंधों में तकरार
पाकिस्तान का मास्टरस्ट्रोक या अमेरिकी राजनीति का मोहरा?
ट्रम्प ने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान को ‘झूठा और मक्कार’ कहने वाले ट्रंप, अब अपने दूसरे कार्यकाल में इस्लामाबाद के साथ दोस्ताना रुख दिखा रहे हैं।
नई दिल्ली:अमेरिका और दक्षिण एशिया की राजनीति इन दिनों पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ जनरल असीम मुनीर को लेकर गर्माई हुई है। हाल ही में असीम मुनीर ने अमेरिका का दौरा किया, जहां उनकी व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच और अमेरिकी सेना के कार्यक्रम में विशेष मेहमान के तौर पर मौजूदगी ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। सवाल यह है क्या असीम मुनीर ट्रंप का ‘राजनीतिक मोहरा’ हैं या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पाकिस्तान का मास्टरस्ट्रोक?
ट्रंप की बदलती पाकिस्तान पॉलिसी
पहले कार्यकाल में पाकिस्तान को ‘झूठा और मक्कार’ कहने वाले ट्रंप, अब अपने दूसरे कार्यकाल में इस्लामाबाद के साथ दोस्ताना रुख दिखा रहे हैं। दक्षिण एशिया मामलों के जानकार हुसैन हक्कानी का कहना है कि यह ट्रंप का “पाकिस्तान कार्ड” है एक ऐसी रणनीति जिससे भारत-अमेरिका रिश्तों पर दबाव बनाया जा सके और मोदी सरकार को वाशिंगटन की शर्तें मानने पर मजबूर किया जा सके।
कट्टरपंथी छवि और भारत विरोधी रुख

अमेरिकी मकसद: भारत पर दबाव
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप, दक्षिण एशिया में यह संकेत देना चाहते हैं कि उनके पास भारत के अलावा भी विकल्प मौजूद हैं। इस राजनीतिक थिएटर में असीम मुनीर मुख्य किरदार की तरह इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन असल मकसद पाकिस्तान के जरिए भारत को दबाव में लाना है।
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