झारखंड : नए विधानसभा भवन व हाइकोर्ट भवन निर्माण में नियमों का उल्लंघन, 113 करोड़ का जुर्माना
रांची : राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने झारखंड में बने नए विधानसभा भवन व हाइकोर्ट भवन पर भारी जुर्माना लगाया. एनजीटी की पूर्वी बेंच कोलकाता ने पर्यावरणविद आरके सिन्हा की याचिका पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करते हुए यह माना कि इनके निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया है और पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं किया गया है.
झारखंड में पर्यावरण स्वीकृति के बिना बने उच्च न्यायालय,विधान सभा,अन्य भवनों पर एनजीटी ने भारी जुर्माना लगाया है.उच्च न्यायालय भवन पर 66 करोड़ रू० और विधान सभा भवन पर 47 करोड़ रू० का जुर्माना कौन देगा? संवेदक,सरकारी अफ़सर या जनता के कर बना राजकोष? बधाई पर्यावरणविद डा० आर के सिंह.— Saryu Roy (@roysaryu) September 9, 2020

एनजीटी ने नए विधानसभा भवन के लिए 47 करोड़ रुपये और हाइकोर्ट भवन के लिए 66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा 19 अन्य भवनों के निर्माण को भी पर्यावरणीय मानकों के विपरीत बताया है और निर्माणाधीन भवनों के निर्माण को रोकने का आदेश दिया है. इस सूची में रांची स्मार्ट सिटी भी शामिल है.
हालांकि एनजीटी के आदेश के कापी आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इनके निर्माण में नियमों के हुए उल्लंघन का जुर्माना कौन भरेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि विस्तृत आदेश देखने के बाद ही इस बारे में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, निर्दलीय विधायक सरयू राय ने इस पर सवाल उठाया है. उन्होंने सवाल पूछा है कि नियमों का उल्लंघन कर किए गए इनके निर्माण के लिए जुर्माना कौन भरेगा. कांग्रेस ने भी पिछली रघुवर दास सरकार के समय कराए गए इन निर्माण में नियमों के उल्लंघन पर आपत्ति दर्ज करायी है.
एनजीटी का आदेश:-जुर्माना के साथ ही बिना पर्यावरण स्वीकृति के भवन बनाने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत आपराधिक मुक़दमा भी दर्ज होगा,निर्माणाधीन भवनों के निर्माण के पर रोक रहेगी. अनियमित-अधूरा विधानसभा भवन का उद्घाटन PM @narendramodi से कराने वाले क्या अपनी गलती मानेंगे ?
— Saryu Roy (@roysaryu) September 9, 2020



