सड़क सुरक्षा पर DIG धनंजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा, ब्लैक स्पॉट्स पर कार्रवाई और जागरूकता बढ़ाने पर जोर
रांची में सड़क सुरक्षा को लेकर राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता DIG (सड़क सुरक्षा कोषांग) धनंजय कुमार सिंह ने की. जिलावार दुर्घटनाओं की समीक्षा, ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, मुआवजा प्रक्रिया, जागरूकता अभियान और तकनीकी उपकरणों के उपयोग पर निर्देश जारी किए गए. सभी जिलों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
रांची: राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में पुलिस उप-महानिरीक्षक (सड़क सुरक्षा कोषांग), झारखण्ड, राँची धनंजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में MoRTH, NHAI एवं eDAR/iRAD से जुड़े अधिकारियों, साथ ही सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक व यातायात पुलिस अधीक्षक की सहभागिता रही.
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित 2024 और 2025 (जनवरी–जून) की तुलनात्मक रिपोर्ट, चिन्हित Black Spots, MV Act के तहत कार्रवाई, eDAR/iRAD पर प्रविष्ट आंकड़ों की गुणवत्ता और उसकी स्थिति की समीक्षा की गई.
प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित:
महत्वपूर्ण निर्णय और निर्देश:
- दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेज करने हेतु निर्देश दिए गए.
- Black Spots की गहन समीक्षा कर Long Term और Short Term उपाय शीघ्र लागू करने के निर्देश सभी जिलों को दिए गए.
- Good Samaritan Policy, सहवीर योजना व 1033 हेल्पलाइन का अधिक प्रचार-प्रसार कर जागरूकता अभियान चलाने पर बल.
- Vulnerable Spots पर अतिरिक्त सुरक्षा, गश्ती व एम्बुलेंस की Repositioning सुनिश्चित करने को कहा गया.
- Breath Analyser, Speed Gun सहित अन्य तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बढ़ाने का निर्देश.
- NHAI और MoRTH से समन्वय कर दुर्घटनाएं रोकने के उपायों पर विमर्श हुआ.
- सीट बेल्ट, शराब सेवन, ओवरस्पीडिंग, लेन-जंपिंग जैसे मामलों में कठोर अभियोजन सुनिश्चित करने की बात कही गई.
- eDAR/iRAD में समयबद्ध प्रविष्टि, मुआवजा प्रक्रिया तथा अन्य इकाइयों से समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर.
- 2025 में जून तक दुर्घटना में वृद्धि की समीक्षा कर आगे दुर्घटनाएं कम करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश.
- First Aid Kit की उपलब्धता एवं कर्मियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण सभी जिलों में अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने का आदेश.

