एसीबी 90 दिनों के भीतर निलंबित आइएएस विनय चौबे सहित सभी आरोपितों पर करेगी चार्जशीट
शराब घोटाले के आरोपित सुधीर कुमार को भी नहीं मिली जमानत
रांची: शराब घोटाला मामले में मुख्य आरोपित निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे सहित सभी आरोपितों पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अब 90 दिनों के भीतर चार्जशीट करेगी. चौबे को एसीबी ने 20 मई को गिरफ्तार किया था भारतीय न्याय संहिता की कुछ धाराएं के अंतर्गत भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (पीसी एक्ट) में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट की बाध्यता है. कानून के विशेषज्ञ बताते हैं कि कानून के विशेषज्ञ बताते हैं कि एवं जिन धाराओं में सजा इससे अधिक है, उनमें 90 दिनों के भीतर चार्जशीट की अनुमति मिलती है. हालांकि, अनुसंधानकर्ता चार्जशीट में विलंब के लिए अनुमति ले सकते हैं. इस मामले में केस से जुड़ी बीएनएस की दो धाराओं ने एसीबी को 90 दिनों का समय दिलाया है.
शराब घोटाले के आरोपित सुधीर कुमार को नहीं मिली जमानत
एसीबी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह की अदालत में शराब घोटाले के आरोपित झारखंड राज्य बेवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के पूर्व वित्त महाप्रबंधक सुधीर कुमार को जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई में अदालत से राहत नहीं मिली है. सुनवाई के बाद अदालत ने जमानत देने से इन्कार करते हुए याचिका खारिज कर दी. सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया था. एसीबी ने सुधीर कुमार को 21 मई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. तब से वह जेल में ही है. सुधीर कुमार ने 25 जून को जमानत याचिका दाखिल की है.
शराब घोटाले के एक अन्य मामले में तीन आरोपितों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 26 को

