गिरिडीह में पुस्तक मेले का शुभारंभ: उपायुक्त बोले—मोबाइल छोड़ें, किताबों से जोड़ें नाता
शैक्षणिक, साहित्यिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की भरमार
गिरिडीह में आयोजित पुस्तक मेले का उद्घाटन उपायुक्त रामनिवास यादव ने किया। 9 से 12 अप्रैल तक चलने वाले इस मेले में शैक्षणिक, साहित्यिक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
गिरिडीह: जिला उपायुक्त रामनिवास यादव ने विवाह भवन में आयोजित पुस्तक मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों और युवाओं को मोबाइल से दूरी बनाकर किताबों की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं और पढ़ने की आदत ही व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को मजबूत बनाती है। विवाह भवन परिसर में आयोजित इस पुस्तक मेले का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। यह मेला 9 अप्रैल से 12 अप्रैल तक चलेगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
किताबें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। किताबें न केवल ज्ञान देती हैं, बल्कि जीवन को सही दिशा भी दिखाती हैं।

उपायुक्त ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को मोबाइल देने के बजाय किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें और घर में पढ़ाई का अच्छा माहौल बनाएं। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए बच्चों को संतुलन बनाकर चलना चाहिए और पढ़ाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे अपनी रुचि के अनुसार किताबें चुन सकते हैं और ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे रोजाना कुछ समय पुस्तक पढ़ने की आदत जरूर डालें, इससे उनकी सोच सकारात्मक बनेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उपायुक्त ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले के माध्यम से नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा मिलती है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे स्कूलों में बच्चों को पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करें और पुस्तकालयों का अधिक से अधिक उपयोग कराएं।
उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पुस्तक मेले में हिस्सा लें और अपने बच्चों को भी यहां लाकर किताबों से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला केवल किताब खरीदने का मंच नहीं है, बल्कि यह ज्ञान और जागरूकता का उत्सव है, जहां हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबों का अध्ययन करें और अपने करियर को मजबूत बनाएं।
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