Bokaro News: जनरल अस्पताल के स्कूल ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने दिया सांस्कृतिक प्रस्तुति
अस्पताल कर्मियों और आम जनता को स्वच्छ परिवेश के प्रति जागरूक करना
बोकारो इस्पात संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग द्वारा 28 मार्च को स्कूल ऑफ नर्सिंग के प्रेक्षागृह में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नर्सिंग छात्राओं और डीएवी इस्पात हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, नृत्य और गीतों के जरिए कचरा प्रबंधन एवं व्यक्तिगत स्वच्छता का प्रभावी संदेश दिया। डॉ. बिभूति भूषण करुणामय (अधिशासी निदेशक) के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मियों और जनसामान्य को स्वच्छ परिवेश के प्रति प्रेरित करना था। जीएम मीनम मिश्रा और एजीएम कैरोल शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पहल को 'स्वच्छ भारत अभियान' की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।
बोकारो: जनरल अस्पताल स्थित स्कूल ऑफ नर्सिंग के प्रेक्षागृह में "स्वच्छता पखवाड़ा 2026" के उपलक्ष्य में 28 मार्च को एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम स्कूल ऑफ नर्सिंग की छात्राओं के साथ-साथ डीएवी इस्पात हाई स्कूल (सेक्टर 2सी एवं 8बी) के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दर्शकों, अस्पताल कर्मियों एवं जनसामान्य को स्वच्छ तथा स्वस्थ परिवेश के महत्व के प्रति जागरूक करना और स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने हेतु प्रेरित करना था।

यह आयोजन अधिशासी निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ. बिभूति भूषण करुणामय एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने में महाप्रबंधक (मानव संसाधन-शिक्षा) मीनम मिश्रा, सहायक महाप्रबंधक (अस्पताल प्रशासन) कैरोल शर्मा, स्कूल ऑफ नर्सिंग के संकाय सदस्यों तथा डीएवी इस्पात हाई स्कूल (2सी एवं 8बी) के शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम को दर्शकों से व्यापक सराहना प्राप्त हुई, जो जनस्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति समाज की बढ़ती सजगता का परिचायक है।
यह आयोजन स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति बोकारो इस्पात संयंत्र की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस प्रकार के सांस्कृतिक और जागरूकता अभियानों के माध्यम से संयंत्र प्रबंधन न केवल कर्मियों और उनके परिवारों के बीच बेहतर स्वास्थ्य मानकों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान के व्यापक लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी निरंतर अग्रसर है। यह पहल एक स्वस्थ, जागरूक और उत्तरदायी कार्य-संस्कृति विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।
