प्रधानमंत्री मोदी बोले– भारत का विकास मॉडल दुनिया के लिए आशा का प्रतीक
भारत का लोकतंत्र और विकास दुनिया के लिए प्रेरणा: प्रधानमंत्री मोदी
रामनाथ गोयनका व्याख्यान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास मॉडल को विश्व के लिए आशा का प्रतीक बताया और देशवासियों से औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और माओवाद के घटते प्रभाव का भी उल्लेख किया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को छठवें रामनाथ गोयनका व्याख्यान में दिए अपने भाषण को साझा करते हुए देशवासियों से अगले दस वर्षों में गुलामी की मानसिकता से पूर्ण मुक्ति का संकल्प लेने अपील की। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता उपनिवेशवाद की देन है और अब समय आ गया है कि देश इससे पूरी तरह बाहर निकले। उन्होंने देशवासियों से सामूहिक संकल्प के साथ औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने भारत के विकास को विश्व के लिए आशा का मॉडल बताते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और सामाजिक परिवर्तन दुनिया के सामने मिसाल बन रहे हैं। चुनाव जीतने का मूल मंत्र जनता की भावनाओं को समझना है, न कि लगातार चुनाव मोड में बने रहना। प्रधानमंत्री ने कहा कि माओवाद का प्रभाव लगातार घट रहा है, जो भारत के विकास और सुरक्षा के लिए अत्यंत सकारात्मक संकेत है।
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