धर्म
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... अयोध्या राम मंदिर से बड़ी खबर: दान चोरी पर नृपेंद्र मिश्रा का बड़ा बयान
Published On
By Susmita Rani
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने दान चोरी की घटना को मंदिर के लिए "कलंक" बताते हुए कहा कि इस घटना से सभी स्वयं को छोटा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा के लिए 9,182 श्रद्धालुओं का 10वां जत्था रवाना
Published On
By Susmita Rani
श्री अमरनाथ यात्रा के तहत शनिवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास बेस कैंप से 10वां जत्था पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में 9,182 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें 2,435 महिलाएं, 256 साधु, 46 साध्वियां और 31 बच्चे भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहलगाम और बालटाल मार्गों के लिए भेजा गया। 24 एकादशियों के पुण्य के समान फलदायी है निर्जला एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
Published On
By Acharya Pranav Mishra
निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन एकादशी व्रतों में से एक मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु अन्न और जल दोनों का त्याग कर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से 24 एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। Nirjala Ekadashi 2026 Vrat Niyam: व्रत रखने वाले जरूर जान लें ये 9 नियम, तभी मिलेगा पूरा पुण्य फल
Published On
By Samridh Media Desk
Nirjala Ekadashi 2026 Vrat ke Niyam: निर्जला एकादशी का व्रत रखने वालों को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए। व्रत का पूरा फल पाने के लिए इन नियमों को मानना अनिवार्य है। आइए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत में क्या करें और क्या न करें। Sawan 2026: कब से शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय महीना? जानें चारों सावन सोमवार की तारीखें
Published On
By Samridh Media Desk
धार्मिक आस्था के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय है। इस दौरान शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लग जाता है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाकर भोलेनाथ का आशीर्वाद मांगते हैं। आइए जानते हैं 2026 में सावन कब से शुरू होगा। मां विंध्यवासिनी मंदिर के दान पात्रों से निकले 18.27 लाख रुपये, प्रशासन ने कराई गणना
Published On
By Susmita Rani
मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर में स्थापित 11 दान पेटिकाओं से कुल 18 लाख 27 हजार 523 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। Surya Gochar 2026: 15 जून से इन 4 राशि वालों का चमक उठेगा भाग्य, नौकरी और परीक्षा में मिलेंगे अच्छे परिणाम
Published On
By Samridh Media Desk
Surya Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 15 जून 2026 को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य और बुध की मित्रता के कारण यह गोचर विशेष महत्व रखता है। मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों को करियर, व्यापार, धन लाभ, पद-प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 17 मई से शुरू होगा अधिकमास, विवाह और मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम
Published On
By Acharya Pranav Mishra
17 मई 2026 से अधिकमास शुरू होने जा रहा है, जिसके कारण 15 जून तक विवाह और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। ज्योतिषाचार्य प्रणव मिश्रा के अनुसार अधिकमास को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते। चारधाम यात्रा: 10 दिन में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, केदारनाथ में सबसे ज्यादा भीड़
Published On
By Samridh Media Desk
चारधाम यात्रा के पहले दस दिनों में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। राज्य सरकार ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। अक्षय तृतीया 2026: दस शुभ संयोगों के बीच दो दिन मनाया जाएगा पर्व, जानें समय और तिथि
Published On
By Samridh Media Desk
इस बार अक्षय तृतीया दस दुर्लभ शुभ संयोगों के साथ दो दिन मनाई जाएगी। तिथि के कारण लोगों में असमंजस है, लेकिन 19 और 20 अप्रैल को अलग-अलग धार्मिक और मांगलिक कार्यक्रमों की खास तैयारी की जा रही है। Dumka News: मयूरनाथ में भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
Published On
By Mohit Sinha
रामगढ़ प्रखंड के मयूरनाथ में राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ हुआ। करीब 1551 महिलाओं और कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में कलश धारण कर 3 किलोमीटर लंबी यात्रा निकाली। हनुमान जयंती: भक्ति, शक्ति और समर्पण का अद्भुत संगम
Published On
By Mohit Sinha
हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भक्ति, शक्ति, समर्पण और निष्ठा का प्रतीक है। हनुमान जी का जीवन हमें साहस, सेवा और विनम्रता का संदेश देता है। 