भारत के मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय भी आरटीआइ के दायरे में : सुप्रीम कोर्ट
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पांच जजों की पीठ ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला


फैसले के बारे में जानकारी देते हुए चर्चित वकील प्रशांत भूषण ने कहा: पारदर्शिता के लिए यह जरूरी था. न्यायाधीशों की नियुक्ति को प्रकट करने को भी जस्टिस चंद्रचूड़ ने सूचना के अधिकार के तहत माना. जजों द्वारा मुख्य न्यायाधीश के सामने संपत्ति प्रकट करने को इस दायरे से बाहर रखने का निर्णय लिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के महासचिव एवं केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी द्वारा दिल्ली हाइकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील की गयी थी, जिसमें कहा गया था कि मुख्य न्यायाधीश का पद भी सूचना के अधिकार कानून के दायरे में आता है. सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और अपना फैसला सुरक्षित रखा था.
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Edited By: Samridh Jharkhand
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