Good News: किंग फिशरीज फार्म के संचालक निशांत को मछली उत्पादन ने बनाया राजा
सालाना 200 टन मछली का करते हैं उत्पादन
वह फार्म में पांच तकनीक से मछली का पालन करते हैं, देश में ऐसा पहला व्यवसायिक फार्म है, जहां एक जगह पांचों तकनीक का इस्तेमाल कर मछली पालन किया जाता है
रांची: रातू स्थित किंग फिशरीज फार्म के संचालक निशांत को मछली उत्पादन ने बनाया राजा बनाया है. वह फार्म में पांच तकनीक से मछली का पालन करते हैं, देश में ऐसा पहला व्यवसायिक फार्म है, जहां एक जगह पांचों तकनीक का इस्तेमाल कर मछली पालन किया जाता है. दैनिक जागरण में छपी रिपोर्ट के अनुसार वह सालाना 200 टन मछली का उत्पादन करते हैं, जिससे कुल 300 परिवार जुड़े हैं. निशांत बताते हैं कि यह सरकार की सहायता एवं खुद के मेहनत से संभव हो पाया. निशांत वर्ष 2018 में मछली पालन के लिए फार्म की स्थापना की थी, निशांत के इस व्यवसाय के लिए परिवार सहित आस-पड़ोस एवं
अन्य लोगों ने ताना मारा था. परन्तु निशांत ने यह व्यवसाय जारी रखा क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि आने वाले समय में इससे अच्छी कमाई होगी. अब वह मछली का झारखण्ड के अलावे दुसरे राज्यों में भी निर्यात करते हैं. दोस्तों के साथ तालाब बनाकर शुरू किया गया यह व्यवसाय शुरुआत में उन्हें नुकसान दिया फिर वह नई तकनीक सिखने की चाह में इंडोनेशिया से बायोफ्लाक तकनीक सीखा और मछली उत्पादन शुरू किये. सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 2021 में 50 टैंक मिले थे.
झारखण्ड के अलावे बिहार, ओडिशा एवं बंगाल भेजते हैं मछली
इंडोनेशिया से सीखी बायोफ्लाक की तकनीक

