Ranchi News : कथक में पी-एच.डी. पाने वाले पहले आदिवासी कलाकार बने डॉ. शीतल उरांव
खैरागढ़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मिली उपाधि
गुमला के डॉ. शीतल उरांव ने कथक नृत्य में पी-एच.डी. हासिल कर झारखंड के पहले आदिवासी कलाकार होने का गौरव प्राप्त किया।
रांची : 3 फरवरी संस्कार भारती रांची महानगर के नृत्य विधा के प्रख्यात कलाकार कथक नृत्य कलाकार एवं शिक्षक डॉ. शीतल कुमार उरांव को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के 17वें दीक्षांत समारोह (28 जनवरी 2026) में कथक नृत्य के क्षेत्र में पी-एच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। शीतल ओराँव पेशे से शिक्षक एवं कथक नृत्य के समर्पित कलाकार हैं।

उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक प्रो. डॉ. नीता गहरवार से कथक तथा चार वर्षों तक सुशांत दास से ओडिसी नृत्य की शिक्षा ली। वे नृत्य विषय में नेट उत्तीर्ण एवं दूरदर्शन केंद्र, रांची के ग्रेडेड आर्टिस्ट हैं। देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर वे अपने नृत्य का प्रदर्शन कर चुके हैं और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हुए हैं। वर्तमान में डॉ. शीतल झारखंड कला मंदिर, होटवार, रांची एवं नाद ब्रह्म कला संस्थान, होंबई, रांची में कथक नृत्य के प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
