द्वितीय व तृतीय मतदान पदाधिकारी बने, मास्टर ट्रेनरों ने दिया विस्तृत प्रशिक्षण
बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली पर अमिट स्याही लगाना अनिवार्य
कोडरमा में द्वितीय और तृतीय मतदान पदाधिकारियों को शांतिपूर्ण और त्रुटिरहित चुनाव संपन्न कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मतदाता पहचान, अमिट स्याही लगाने, मतपत्र संचालन और मतदान प्रक्रिया के सभी महत्वपूर्ण चरणों की जानकारी दी गई।
कोडरमा: जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कोडरमा ऋतुराज के आदेशानुसार वरीय प्रशिक्षण प्रभारी सह उप विकास आयुक्त रवि जैन के मार्गदर्शन में प्रथम पाली में द्वितीय मतदान पदाधिकारियो एवं दूसरी पाली में तृतीय मतदान पदाधिकारियों का प्रशिक्षण विभिन्न हॉल में दिया गया। प्रशिक्षण कोषांग के सहायक नोडल पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार की देखरेख में चल रहे मतदान कर्मियों को मास्टर ट्रेनर सुदीप सहाय, अश्विनी तिवारी, मनोज चौरसिया, संजय सुमन, उमेश सिन्हा, रामचंद्र ठाकुर, राजेश्वर पाण्डेय, दिलीप बरनवाल, रविकांत रवि ने शांतिपूर्ण एवं त्रुटिरहित चुनाव संपन्न कराने के टिप्स बताए।

बाएं हाथ में कोई अंगुली नहीं रहने पर इसी तरह दाएं हाथ की तर्जनी, मध्यमा, अनामिका कनिष्ठा अथवा अंगूठे में लगाई जानी चाहिए।यदि दिनों हाथ कटी हो तो इसी तरह पैर की अंगुलियों पर वरीयता क्रम में अमिट स्याही लगाई जाएगी। हाथ और पैर नहीं रहने की स्थिति में शरीर के किसी सहज दृष्टिगोचर होनेवाले स्थान पर अमिट स्याही लगाई जाएगी।
प्रशिक्षक सुदीप सहाय ने तृतीय मतदान पदाधिकारी के कार्यों को बताते हुए कहा कि इस बार दो तृतीय मतदान पदाधिकारी होंगे। प्रथम तृतीय मतदान पदाधिकारी वार्ड सदस्य के सफ़ेद मतपत्र के प्रभारी होंगे जबकि दूसरे तृतीय मतदान पदाधिकारी नगर परिषद या नगर पंचायत के गुलाबी मतपत्र के प्रभारी होगे। उन्होंने बताया कि जब कोई मतदाता उनके पास आएगा तब पहले अमिट स्याही की जांच कर लेना है उसके उपरांत मतदाता के क्रमांक अंकित कर उनका हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान मतपत्र के ऊपरी हिस्से में ले लेना है। फिर सावधानी से मतपत्र फाड़कर एवं वर्टिकल धार बनाकर मोड़ कर मतदाता को देना है ताकि मतदाता को अपना मत देने में सुविधा हो।
