Giridih News : रमज़ान आत्मशुद्धि और इंसानियत का पैगाम देता है: कारी मोहम्मद अजहर
रोज़ा इंसान को सब्र और रहमदिली सिखाता है
सरिया दौरे पर पहुंचे अल जामिया इमाम अबू हनीफा मदरसा के शिक्षक कारी मोहम्मद अजहर ने रमज़ान के पवित्र महीने की शुरुआत पर मुसलमानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि रमज़ान सब्र, इबादत, रहमत और बरकत का महीना है, जो इंसान की रूह को सुकून और दिल को राहत देता है। उन्होंने जरूरतमंदों की मदद, तौबा और नेक रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
गिरिडीह : अल जामिया इमाम अबू हनीफा मदरसा के शिक्षक एक दौरे के क्रम में सरिया पहुंचे।मोहम्मद अजहर ने रमज़ान के पवित्र महीने की शुरुआत पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मुसलमानों को बधाई दी है। उन्होंने रमज़ान को सब्र, इबादत, रहमत और बरकत का पैगाम बताया, जो इंसान की रूह को सुकून और दिल को राहत प्रदान करता है। कारी मोहम्मद अजहर ने कहा कि रमज़ान आत्मशुद्धि, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद का महीना है।

यह महीना गलतियों से तौबा करने और अल्लाह से माफी मांगने का सुनहरा अवसर देता है।कारी मोहम्मद अजहर ने कहा, "रमज़ान में इंसान अपने गुनाहों से दूर होकर नेक रास्ते पर चलने का संकल्प लेता है। इससे दिल की कठोरता खत्म होती है और रहमदिली व इंसानियत की भावना मजबूत होती है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि रमज़ान का असली मकसद सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं, बल्कि दिल और दिमाग को पाक करना है।
सच्चे दिल से की गई इबादत से मिलने वाला सुकून ही रमज़ान की सबसे बड़ी नेमत है।अंत में उन्होंने अपील की, "इस रमज़ान हम सब अपने दिलों को साफ करें, जरूरतमंदों की मदद करें और अल्लाह की रहमत हासिल करने की कोशिश करें। यही रमज़ान का असली पैगाम है। कारी मोहम्मद अजहर के इस संदेश से मुसलमानों में रमज़ान की रूहानी अहमियत को दोहराया गया है, और समाज में नेकी व मदद के कामों को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
