गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर ला रहे थे लोग, जंगल के पगडंडी में हुआ प्रसव
प्रतापपुर प्रखंड के हिंदीयाखुर्द की घटना
सबिता देवी (पति सूकर गंझू) को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सका. क्योकि नदी उफान पर थी और सड़कें गड्ढों से भरी थीं.
चतरा: प्रतापपुर प्रखंड के हिंदीयाखुर्द गांव सिस्टम की विफलता को दिखता है क्योंकि यह गांव वर्षों से सड़क और पुल के लिए तरस रहा है. हर मानसून यहां नई विपदा लेकर आता है. ऐसी ही घटना यहाँ देखने को मिली जब एक गर्भवती महिला को लोग खाट पर लिटाकर उफान मारती नदियाँ एवं जंगल की पगडंडियों में चल रहे थे. दरअसल सबिता देवी (पति सूकर गंझू) को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंच सका. क्योकि नदी उफान पर थी और सड़कें गड्ढों से भरी थीं. मजबूरन, सबिता को खाट पर लिटाकर घने जंगल के रास्ते एंबुलेंस तक पहुंचाने की कोशिश की गई. हालांकि, नियति ने कुछ और ही तय कर रखा था. कुछ ही दूरी तय करने के बाद, सबिता का प्रसव जंगल में ही हो गया.
वहीं इस मामले में प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. कुमार संजीव ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा सक्रिय रहती है. लेकिन गांव तक पहुंचना बड़ी चुनौती है. क्योंकि खराब सड़कें और नदी पर पुल का अभाव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सबसे बड़ी बाधा है.
