तबाह रनवे जैसा एक्सपोज़: UN में भारत ने पाकिस्तान के ड्रामे की खोली पोल, 10 पॉइंट्स में जानें पूरी कहानी
नेशनल डेस्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ झूठे दावे किए और युद्ध जीतने का ‘ड्रामा’ किया। भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने इन दावों की खुली आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान की जीत तबाह एयरबेस और जले हैंगरों तक सीमित है, तो इसे मनाने का “पूरा हक” है। उन्होंने पाकिस्तान की विदेश नीति के केंद्र में आतंकवाद होने का भी खुलासा किया।
https://twitter.com/PIB_India/status/1971813779861393740
भारत के 10 पॉइंट्स
1. धमकियों के आगे नहीं झुकेगा भारत

2. साफ संदेश—जीरो टॉलरेंस
3. पाकिस्तान का ‘ड्रामा’ नहीं छिप सकता
पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार आतंकी हमलों का महिमामंडन और झूठे नाटकों के जरिए सच्चाई छुपाने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की।
4. पाकिस्तान की बेशर्मी—TRF को बचाने का प्रयास
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा निर्दोष पर्यटकों की हत्या करने वाले संगठन TRF को बचाने की कोशिश की। TRF ने 26 हिंदू और ईसाई पर्यटकों की हत्या की बात कबूल भी की थी।
5. संघर्ष विराम के लिए खुद मांगी थी भीख
9 मई तक पाकिस्तान भारत पर हमलों की धमकी देता रहा, लेकिन 10 मई को उसकी सेना ने भारतीय सेना से सीधी लड़ाई बंद करने की अपील की। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय वायुसेना द्वारा कई पाकिस्तानी एयरबेस तबाह कर देने के बाद पाकिस्तान ने “विराम” मांगा।
6. ऑपरेशन सिंदूर—भारत ने किया बचाव
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने की कार्रवाई को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। हमलों के मास्टरमाइंड्स को सजा दिलाने की भी बात दोहराई।
7. पाकिस्तानी तर्क—“एक तस्वीर हजार शब्द”
पाकिस्तान के आरोपों के जवाब में भारत ने साफ कहा कि “एक तस्वीर हजार शब्द बोलती है”—बहावलपुर और मुरिदके में भारतीय सेना की कार्रवाई की तस्वीरें सब कुछ बयान करती हैं।
8. पाकिस्तान सरकार की मंशा सवालों के घेरे में
भारत ने पाकिस्तानी सेना और सरकार के शीर्ष अफसरों द्वारा खुलेआम आतंकियों की सराहना और लंबे समय तक आतंकी कैंप चलाने की स्वीकारोक्ति को उजागर किया।
9. तीसरे पक्ष की भूमिका खारिज
भारत ने फिर साफ किया कि भारत-पाक के बीच हर विवाद द्विपक्षीय है, इसमें किसी तीसरे देश या शक्ति की कोई भूमिका नहीं—यह पुरानी और स्पष्ट नीति रही है।
10. पाकिस्तान की आतंकवादी नीति
भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद को “राज्य नीति” का हिस्सा बनाने, ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकी को पनाह देने और आतंक के खिलाफ दुनिया को गुमराह करने के लिए घेरा।
शरीफ के दावों पर भारत का करारा जवाब
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में अमेरिका के हस्तक्षेप से संघर्षविराम का दावा किया, जिसका भी भारत ने खंडन किया—कहा, “भारत-पाकिस्तान के सारे मुद्दे पूरी तरह द्विपक्षीय हैं, किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका मान्य नहीं है।"
भारत ने अपने सख्त और तार्किक जवाब से पाकिस्तान के सभी झूठे आरोपों की “तबाह रनवे” की तरह पोल खोल दी, UNGA में आतंकवाद को लेकर भारत का सख्त रुख एक बार फिर दुनिया के सामने आया।
