क्या सिरम टोली फ्लाईओवर निर्माण की तरह नगड़ी में भी अपने फैसले पर अडिग रहेंगे हेमंत सोरेन
चंपई सोरेन के नेतृत्व में तेज हुआ नगड़ी आंदोलन
रांची: कांके के नगड़ी गांव में रिम्स-2 के निर्माण कार्य पर ग्रहण लगता दिख रहा है। जमीन अधिग्रहण के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, भाजपा सहित कई आदिवासी और जन संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है। प्रशासन का कड़ा रूख व सुरक्षा की चाक -चौबंद व्यवस्था, चंपई सोरेन को हाउस अरेस्ट किए जाने, उनके समर्थकों को रास्ते में ही रोक देने सहित कई निरोधात्मक कार्रवाई की गई। बावजूद रविवार को हजारों लोग नगड़ी पहुंच गए। खेत जोता और धान की रोपनी की। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठी चार्ज करनी पड़ी। इसके बाद आंदोलन और तेज होने की संभावना है।
रांची में सिरम टोली फ्लाईओवर निर्माण के विरोध के बाद यह दूसरा मौका है, जब आदिवासी संगठनों व राजनीतिक दलों की ओर से नगड़ी में रिम्स-2 के निर्माण कार्य का एकजुट होकर विरोध किया जा रहा है। करीब दो महीने के अंदर ही आदिवासी समाज के लोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध कर रहे हैं।

बहरहाल अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री पर टिकी हैं। जल जंगल जमीन और दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की दुहाई देकर भी सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश की कोशिश हो रही है।
