जनभागीदारी और मीडिया सहयोग से फाइलेरिया उन्मूलन को मिलेगी गति: डॉ. बिरेंद्र कुमार सिंह
10 से 25 फरवरी तक घर-घर जाकर खिलाई जाएगी फाइलेरिया रोधी दवा
देवघर में आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए मीडिया और जनसहयोग पर जोर दिया। 10 से 25 फरवरी तक 14 जिलों में एमडीए अभियान के तहत लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी।
देवघर : फाइलेरिया मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान को सफल बनाने हेतु अंतर्विभागीय समन्वय, सामुदायिक सहभागिता एवं मीडिया सहयोग को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी भी.बी.डी. डॉ. बिरेंद्र कुमार सिंह ने झारखंड से फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि समयबद्ध एवं प्रभावी एमडीए इस लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे महत्वपूर्ण रणनीति है।
उन्होंने जानकारी दी कि 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक राज्य के 11 जिलों — बोकारो, देवघर, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, रामगढ़, रांची, साहिबगंज एवं लोहरदगा में दो दवाओं डी.ई.सी. एवं अल्बेंडाज़ोल, तथा 3 जिलों — कोडरमा, पाकुड़ एवं सिमडेगा में तीन दवाओं डी.ई.सी., अल्बेंडाज़ोल एवं आइवरमेक्टिन के माध्यम से एमडीए अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्यकर्मी बूथों के माध्यम से तथा घर-घर जाकर पात्र लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाएंगे। 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है तथा आशा कार्यकर्ता अथवा स्वास्थ्यकर्मी की उपस्थिति में ही दवा सेवन अनिवार्य होगा।
डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि दवा सेवन के पश्चात कुछ व्यक्तियों में मितली, चक्कर अथवा हल्का बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो प्रतिकूल प्रभाव नहीं बल्कि शुभ संकेत हैं। इसका अर्थ यह है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी दवा के प्रभाव से नष्ट हो रहे हैं। ऐसे लक्षणों से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
इस अवसर पर देवघर के सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनभागीदारी और मीडिया सहयोग के बिना फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने आगामी एमडीए अभियान में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए मीडिया से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक एवं जागरूकता आधारित समाचारों के माध्यम से लोगों को दवा सेवन के लाभों के प्रति प्रेरित करें, भ्रांतियों को दूर करें तथा इस जनस्वास्थ्य अभियान में जनसहभागिता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन एक सामूहिक सामाजिक दायित्व है, जिसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान जिला भी.बी.डी. पदाधिकारी, डॉ. अभय कुमार यादव ने लिंफैटिक फाइलेरियासिस (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन हेतु सामुदायिक जागरूकता एवं मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक आमजन तक रोग की रोकथाम, उपचार एवं एमडीए के महत्व की सही और समयबद्ध जानकारी नहीं पहुंचेगी, तब तक इस अभियान की सफलता सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
विश्व स्वास्थ्य संगठन, के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. हसीब ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है और दीर्घकालिक दिव्यांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। इससे प्रभावित व्यक्तियों को हाइड्रोसील, लिम्फेडेमा एवं दूधिया सफेद मूत्र जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया से बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय फाइलेरिया रोधी दवाओं का नियमित वार्षिक सेवन है। एमडीए कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी, ताकि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए।
राज्य सलाहकार बिनय कुमार ने मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में संचालित कार्यक्रमों की जानकारी जनसामान्य तक पहुँचाने में मीडिया का सहयोग सदैव प्राप्त होता रहा है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने समाचार पत्रों, चैनलों एवं डिजिटल माध्यमों के माध्यम से फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएं, ताकि लोग एमडीए के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में दवा का सेवन सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त पीरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि अविनाश ने रोगियों के अनुभव साझा किए, जिससे बीमारी के सामाजिक एवं मानवीय पहलुओं को समझने में सहायता मिली तथा मीडिया सहयोगियों को संवेदनशील रिपोर्टिंग के लिए प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम के दौरान ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटेजीज़ के प्रतिनिधि अंकित चौहान द्वारा एमडीए के महत्व पर आधारित एक लघु वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसमें फाइलेरिया रोग की गंभीरता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के भी.बी.डी. पदाधिकारी, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा स्थानीय मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
