Bokaro News: बीएसएल में हाइपोक्लोराइड डोज़िंग स्टेशन का उद्घाटन
पेयजल की गुणवत्ता और शुद्धता में होगा बड़ा सुधार
बोकारो इस्पात संयंत्र के जल प्रबंधन विभाग (WMD) ने पेयजल उपचार को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए 7 मार्च को नवनिर्मित हाइपोक्लोराइड डोजिंग स्टेशन का उद्घाटन किया। पूर्व निदेशक प्रभारी अतानु भौमिक और अधिशासी निदेशक अनुप कुमार दत्त द्वारा शुरू की गई इस प्रणाली ने पुराने जोखिमपूर्ण क्लोरीन गैस उपयोग को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। संजीव रंजन सिंह के नेतृत्व में कार्यान्वित यह परियोजना न केवल जल की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि कार्यस्थल पर 'शून्य क्षति' के सुरक्षा लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगी।
बोकारो: जल प्रबंधन विभाग (डब्ल्यूएमडी) में पेयजल उपचार की प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में 7 मार्च को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई। संयंत्र में नवनिर्मित हाइपोक्लोराइड डोज़िंग स्टेशन का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व निदेशक प्रभारी (राउरकेला इस्पात संयंत्र) अतानु भौमिक एवं अधिशासी निदेशक (संकार्य) अनुप कुमार दत्त द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस नई प्रणाली के क्रियान्वयन से अब जल शोधन की प्रक्रिया न केवल सरल और प्रभावी हो जाएगी, बल्कि सुरक्षा के मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इस आधुनिक डोज़िंग स्टेशन के माध्यम से पेयजल में कीटाणुनाशक की सटीक मात्रा बनाए रखना संभव होगा, जिससे आपूर्ति किए जाने वाले जल की गुणवत्ता निरंतर उच्च बनी रहेगी। गौरतलब है कि पूर्व में पेयजल के उपचार के लिए क्लोरीन गैस का उपयोग किया जाता था। यद्यपि यह विधि कीटाणुशोधन में प्रभावी थी, परंतु सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्लोरीन गैस का भंडारण और उसका उपयोग अत्यंत जोखिमपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण कार्य था।

जोखिमपूर्ण प्रणाली के स्थान पर इस सुरक्षित विकल्प को अपनाना न केवल संयंत्र की सुरक्षा संस्कृति को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि परिचालन दक्षता और जल की गुणवत्ता सुनिश्चित कर 'शून्य क्षति' के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
