'बिना कपड़ों के वीडियो कॉल, पति के ट्रांसफर की धमकी' महिला ने खोले सनसनीखेज राज, एक्शन में सरकार
सब-इंस्पेक्टर की पत्नी ने लगाया आरोप
महिला के गंभीर आरोपों और वायरल वीडियो-फोटो विवाद के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने IPS रतनलाल डांगी को सस्पेंड कर दिया है। पूरे मामले की विभागीय जांच चल रही है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी को एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि महिला के साथ कथित निजी फोटो, वीडियो और आपत्तिजनक चैट सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। रतनलाल डांगी वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के पद पर पदस्थ थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) दिया जाएगा। साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी उसके पति का तबादला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कराने की धमकी देते थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पिछले कई वर्षों तक उस पर मानसिक दबाव बनाया गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। महिला ने पुलिस मुख्यालय में इस संबंध में कुछ दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जमा कराने का दावा किया है।
इसके अतिरिक्त महिला ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने ट्रांसफर और अन्य कार्यों के बदले धन लेने की बात कही और इसी से बड़ी संपत्ति अर्जित की। उसने यह भी दावा किया कि राजस्थान के जयपुर और अपने पैतृक गांव में अधिकारी की करोड़ों रुपये की संपत्ति है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
महिला के अनुसार, वह पेशे से योग प्रशिक्षक है और वर्ष 2017 में कोरबा में उसकी मुलाकात अधिकारी से हुई थी। उस समय वह उन्हें योग का प्रशिक्षण देती थी। बाद में अधिकारी की विभिन्न जिलों में पदस्थापना के दौरान भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। महिला का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के कारण उसके पारिवारिक संबंधों पर भी असर पड़ा और उसका वैवाहिक जीवन प्रभावित हुआ।
छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और दबाव बनाने जैसे आरोप शामिल हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
रतनलाल डांगी का प्रशासनिक करियर लंबा रहा है। वे कोरबा, बिलासपुर, कांकेर और बीजापुर जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर रह चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत लगभग 20 वर्ष की उम्र में सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में की थी। बाद में उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं और वर्ष 2002 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 226 हासिल कर वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी बने।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
समृद्ध डेस्क (Samridh Desk), समृद्ध झारखंड का आधिकारिक संपादकीय विभाग है — जो निष्पक्ष, पारदर्शी और सामाजिक जागरूक पत्रकारिता के लिए समर्पित है। हम अनुभवी संपादकों, रिपोर्टरों, डिजिटल संवाददाताओं और कंटेंट राइटर्स की टीम हैं, जो सत्य और जिम्मेदारी की भावना से समाज के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करती है।
समृद्ध डेस्क के नाम से प्रकाशित हर लेख हमारी निष्ठा, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।
हम हर खबर को तथ्यों, निष्पक्षता और जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं — ताकि पाठकों को केवल सूचना नहीं, बल्कि सच्चाई का पूरा चित्र मिले।
