Epstein Files: ब्रिटेन-नॉर्वे में इस्तीफों की बौछार, यूरोप की सरकारें हिलीं, देखें रिपोर्ट
एपस्टीन फाइल्स क्या हैं और क्यों अहम हैं ?
नेशनल डेस्क: एपस्टीन फाइल्स ने यूरोप की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से ब्रिटेन, नॉर्वे, स्वीडन जैसे देशों में बड़े नेता इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि अमेरिका में भी ट्रंप और क्लिंटन जैसे नाम चर्चा में हैं।

ब्रिटेन में तो हालात सबसे खराब हैं। पूर्व राजदूत पीटर मैनडेलसन का नाम आने के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ ने इस्तीफा दे दिया, और विपक्ष स्टार्मर के सिर पर भी तीर चला रहा है। किंग चार्ल्स के भाई प्रिंस एंड्र्यू विंडसर पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं, एपस्टीन की सजा के बाद भी वो उसके संपर्क में बने रहे। एपस्टीन यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने की सलाह तक अरबपति पीटर थिएल को दे चुका था।
नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थॉरजॉर्न जगलैंड, जो नोबेल समिति के चेयरमैन रह चुके हैं, उनके भी एपस्टीन से रिश्ते उजागर हुए। स्वीडन की जोआना रुबिनस्टीन ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी अधिकारी वाली नौकरी छोड़ दी, क्योंकि वो 2012 में एपस्टीन के कैरिबियन द्वीप पर गई थीं। स्लोवाकिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजकैक ने भी बातचीत के आरोपों के बाद इस्तीफा थमा दिया।
पूर्वी यूरोप में भी हड़कंप मच गया। लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड की सरकारें हिल गईं। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने खास टीम गठित की है जो फाइल्स छानकर संभावित पीड़ितों की तलाश करेगी और एपस्टीन-रूसी गुप्तचरों के कनेक्शन की पड़ताल करेगी। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगे थे, लेकिन यौन अपराध साबित नहीं हुए, जबकि बिल क्लिंटन का नाम जरूर दर्ज है, डेमोक्रेट्स अभी भी ट्रंप को घेर रहे हैं।
एपस्टीन की ये फाइल्स न सिर्फ व्यक्तिगत रिश्तों को बेनकाब कर रही हैं, बल्कि राजनीतिक साजिशों की परतें भी उघाड़ रही हैं। जनता का गुस्सा जायज है कि शक्तिशाली लोग बिना सजा के अपराध करते रहे। यूरोप में इस्तीफों की ये झड़ी आने वाले दिनों में और सरकारें गिरा सकती है।
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