बिहार चुनाव 2020: राजनीति से दूर हैं बिहार के ये तीनों चर्चित चेहरे
पटना: अब तक युवाओं ने राजनीति के क्षेत्र में ख़ास दिलचस्पी नहीं दिखाई और उसे एक करियर के तौर पर नहीं चुना, चाहे कारण सामाजिक सुरक्षा हो, राजनीति का अपराधीकरण हो, सामाजिक दबाव हो या फिर आरामदेह ज़िंदगी को त्याग कर संघर्षपूर्ण जीवन अपनाने की अनिच्छा, ऐसे में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में ‘आ रहा बदलाव’ क्या युवाओं को प्रेरित करेगा राजनीति को एक करियर के रूप में अपनाने की, इसका जवाब ढूंढ पाना अभी तो मुश्किल लग रहा है।
बिहार को विश्वपटल पर मान सम्मान बढाने वाले ये चर्चित लोग राजनीती से है कोसो दूर। हम बात कर रहे उन शिक्षको के बारे में जो अपने शैक्षणिक कार्यशैली से लाखों युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं। बिहार के चर्चित शिक्षक अभयानंद, आनंद कुमार और आरके श्रीवास्तव को कौन नहीं जानता, जो प्रत्येक वर्ष आर्थिक रूप से गरीब स्टूडेंट्स को इंजीनियर बना उनके सपने को पंख लगा रहे हैं।

वो 450 से ज्यादा बार फ्री नाईट क्लासेज चलाकर भी सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनकी क्लास में स्टूडेंट पूरी रात 12 घंटे गणित की पढ़ाई कर चुके हैं। जो खुद में हैरान करने वाली बात है। लोग बताते हैं कि वह भी सुपर 30 की तरह भी गरीब स्टूडेंट को इंजीनियर बनाते हैं। इसके बदले में मात्र एक रुपए गुरुदक्षिणा लेते हैं। कई लोग दावा करते हैं कि आरके, सुपर 30 के आनंद कुमार की परंपरा के टीचर हैं।
गरीब परिवार में जन्में बिक्रमगंज रोहतास के आरके श्रीवास्तव का जीवन काफी संघर्ष से भरा रहा। जिससे लड़ते हुए वह अपनी पढ़ाई पूरी की। लेकिन, टीबी की बीमारी के कारण आईआईटी की प्रवेश परक्षा नहीं दे पाए। बाद में ऑटो चलने से होने वाले इनकम से परिवार का भरण-पोषण होने लगे।
रामानुजन और वशिष्ठ नारायण सिंह को आदर्श मानने वाले आरके श्रीवास्तव बाद में कोचिंग पढ़ाने लगे। गणित के लिए इनके द्वारा चलाया जा रहा निःशुल्क नाईट क्लासेज अभियान पूरे देश मे चर्चा का विषय बना हुआ है। इस क्लास को देखने और उनका शैक्षणिक कार्यशैली को समझने के लिए कई विद्वान उनके इंस्टीट्यूट आ चुके हैं।
