Hazaribagh News: न सड़क जाम न तोड़ फोड़ न ही शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, चूंकि हम जो ठहरे आदिवासी
दो आदिवासी मासूम बच्चों की मौत पर छलका शिक्षक का दर्द
हजारीबाग: विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा पंचायत अंतर्गत डूमरडीहा के चोरढाब के दो मासूम आदिवासी बच्चों की जान अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठा व्यापारी खुर्शीद अंसारी द्वारा लगाए गए बिजली का लंगा तार जिसमें करंट प्रवाह हो रही थी के चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की लीला समाप्त हो गई. सैकड़ों ग्रामीण आदिवासी जमा हुए, चीखा चिल्लाया, रोता तड़पता रहा और जब पुलिस दोनों शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, वैसे ही धीरे धीरे इनके आंसू इनके कलेजे को धिक्कारते हुए शांत हो गए. दबे पांव लोग घर अपने चले गए.
पीड़ित परिवार के लोगों द्वारा न ईट भट्ठा व्यापारी खुर्शीद अंसारी के खिलाफ न बिजली विभाग के खिलाफ न ही शासक-प्रशासक के खिलाफ आवाज उठाया. विचित्र दृश्य को देख मेरे मन में एक प्रश्न जाग रहा है, आखिर ऐसा क्यों? जो आदिवासी अंग्रेजी हुकूमत से लड़ा आज उनके वंशज इतना बेवस क्यों? जो अपने अधिकार के लिए आवाज तक न उठा पाया.

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