ट्रंप के तीन घंटे के लिए 100 करोड़ का खर्च, प्रियंका गांधी के सवाल पर भाजपा का पलटवार
अहमदाबाद में नमस्ते लंदन कार्यक्रम का आयोजन ट्रंप नागरिक अभिनंदन समिति कर रही है
नयी दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गयी हैं. इस बीच अहमदाबाद में उनके स्वागत के लिए ट्रंप नागरिक अभिनंदन समिति की आज बैठक हुई. अहमदाबाद के नवनिर्मित मोटेरा स्टेडियम में ट्रंप के स्वागत के लिए नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम का आयोजन यही समिति कर रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तीन घंटे के आयोजन में 100 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा. इस आयोजन में कैलाश खरे अपनी प्रस्तुति देंगे और साथ ही गुजरात के स्थानीय कलाकार भी प्रस्तुति देंगे.Gujarat: Meeting of Donald Trump Nagrik Abhinandan Samiti, the organiser of ‘Namaste Trump’ event, being held in Ahmedabad. The ‘Namaste Trump’ event will be held at Motera Stadium on 24th February. pic.twitter.com/fs8LhQOcS8— ANI (@ANI) February 22, 2020
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज एक ट्वीट कर कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के आगमन पर 100 करोड़ खर्च हो रहे हैं. पर, यह पैसा एक समिति के जरिए खर्च हो रहा है. समिति के सदस्यों का पता ही नहीं है कि वे उसके सदस्य हैं. उन्होंने पूछा कि क्या देश को यह जानने का हक नहीं है कि किस मंत्रालय ने समिति को कितना पैसा दिया. समिति की आड़ में सरकार क्या छिपा रही है.
राष्ट्रपति ट्रंप के आगमन पर 100 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन ये पैसा एक समिति के जरिए खर्च हो रहा है। समिति के सदस्यों को पता ही नहीं कि वो उसके सदस्य हैं। क्या देश को ये जानने का हक नहीं कि किस मंत्रालय ने समिति को कितना पैसा दिया? समिति की आड़ में सरकार क्या छिपा रही है? pic.twitter.com/1B0Y7oKIV3
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 22, 2020
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि भारत का कद बढ रहा है तो उसे दिक्कत क्यों हो रही है. भाजपा ने कहा है कि अमेरिका के साथ भारत आज जिस तरह का करार कर रहा है, उसके बारे में पिछली सरकार सोच भी नहीं सकती थी.
भाजपा प्रवक्ता संवित पात्रा ने कहा कि आज व्हाइट हाउस के किसी भी फैसले के केंद्र में या फ्रंट में भारत रहा है, यह हमारे लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या 10 जनपथ मनमोहन सिंह को वह रूतबा कायम करने देता जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंतरराष्ट्रीय नेताओं के बीच है.



