ईरान-रूस-चीन का होर्मुज में जोरदार नौसेना अभ्यास: ट्रंप को कड़ा संदेश, तनाव चरम पर!
रूस, चीन और ईरान की नौसेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य में 'मैरीटाइम सिक्योरिटी बेल्ट 2026' ड्रिल
नेशनल डेस्क: ईरान, रूस और चीन की नौसेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में 'मैरीटाइम सिक्योरिटी बेल्ट 2026' नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। यह अभ्यास अमेरिका को सीधा संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है, खासकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'मैक्सिमम प्रेशर' नीति के बीच। रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी निकोलाई पेत्रशेव ने बताया कि उनके देश के युद्धपोत ईरान की ओर रवाना हो चुके हैं, जबकि चीन और ईरान भी अपने जहाजों के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं।
यह त्रिपक्षीय ड्रिल समुद्री सुरक्षा मजबूत करने, डकैती रोकने, आतंकवाद से निपटने और संयुक्त बचाव अभियानों पर केंद्रित है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के 20 फीसदी तेल का रास्ता है, को सुरक्षित रखना इसका मुख्य मकसद बताया जा रहा है। ईरान ने 2019 में इसकी शुरुआत की थी और हर साल रूस-चीन के साथ दोहरा रहा है; यह आठवां संस्करण है।

ट्रंप प्रशासन की ईरान पर सख्ती के बीच यह अभ्यास क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला लगता है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इसमें लाइव-फायर, सर्च एंड रेस्क्यू और एंटी-पाइरेसी सिमुलेशन शामिल हैं। वैश्विक व्यापार मार्गों की रक्षा का दावा है, लेकिन पश्चिमी देश इसे अमेरिका-विरोधी गठबंधन मान रहे हैं।
