खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में अंशिका की मानसिक मजबूती ने लिखी जीत की कहानी
गलतियों को मुस्कान में उड़ाकर अंशिका ने जीता महिला रिकर्व फाइनल
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में अंशिका कुमारी ने खराब शुरुआत के बावजूद मुस्कान और मानसिक मजबूती के सहारे शानदार वापसी करते हुए महिला रिकर्व फाइनल में स्वर्ण पदक जीता। असफलताओं से सीखने और वर्तमान पर फोकस करने का उनका मंत्र उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ।
जयपुर: खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स राजस्थान 2025 की महिला रिकर्व फाइनल में अंशिका कुमारी का दूसरा सेट बेहद खराब रहा। आमतौर पर ऐसी शूटिंग किसी भी तीरंदाज के आत्मविश्वास को हिला सकती है, लेकिन लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) की 23 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखते हुए कोचों से बात की और सकारात्मक सोच के सहारे अगले दो सेट आसानी से जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
अंशिका का यही रवैया न सिर्फ इस फाइनल में उनकी जीत की कुंजी बना, बल्कि पिछले 12 महीनों में उनके करियर की दिशा बदलने में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। अंशिका ने साई मीडिया से कहा, “एक समय था जब मैं हर हारे हुए मैच के बाद हंस देती थी और सोचती थी कि यह भी नहीं था मेरे लिए, अब इससे बुरा क्या होगा। चलो अगले पर फोकस करो। दिन के अंत में बात सिर्फ वर्तमान पर ध्यान रखने की है—एक-एक तीर पर ध्यान देने की, और तनाव को मुस्कान में उड़ाने की। यही मैंने फाइनल में किया।”




