JPSC विवाद: रांची में AISA मार्च के दौरान हंगामा, राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही
JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 14वें दिन भी जारी रहा आंदोलन
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी रहा। छात्रों के समर्थन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रांची पहुंचीं और विधानसभा मार्च में शामिल हुईं। मार्च के दौरान हंगामे के बीच उन पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई। नेहा बोरा ने JPSC के पुनर्गठन, 14वीं JPSC और JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर नई परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग की। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में निजी एजेंसियों की भूमिका समाप्त कर पारदर्शी सरकारी व्यवस्था लागू करने की भी वकालत की।
संवाददाता, सुमन कुमारी
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी रहा। छात्रों के समर्थन में अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा शुक्रवार को रांची पहुंचीं। इस दौरान आईसा ने विधानसभा तक मार्च निकाला, जहां हंगामे के बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना सामने आई।
छात्रों के समर्थन में उतरीं नेहा बोरा

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
नेहा बोरा ने मांग की कि 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए और नई परीक्षा तिथि (री-एग्जाम शेड्यूल) घोषित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द कर नई परीक्षा सारणी जारी की जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
निजी एजेंसियों से परीक्षा कराने का विरोध
आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निजी एजेंसियों के माध्यम से परीक्षाएं आयोजित कराने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं का संचालन निजी एजेंसियों के बजाय पारदर्शी सरकारी व्यवस्था के तहत होना चाहिए, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रहे।
आंदोलन 14वें दिन भी जारी
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठनों का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और नई परीक्षा तिथियों की घोषणा की मांग कर रहे हैं।









