रांची में 21–22 जनवरी को सीयूजे की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी, एनईपी-2020 पर होगा मंथन

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षक शिक्षा की पुनर्कल्पना पर देशभर के शिक्षाविद होंगे शामिल

रांची में 21–22 जनवरी को सीयूजे की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी, एनईपी-2020 पर होगा मंथन

केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड द्वारा 21 और 22 जनवरी को रांची में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में शिक्षक और शिक्षक शिक्षा पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

रांची : केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) की ओर से आगामी 21 और 22 जनवरी को रांची में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संगोष्ठी का विषय “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दृष्टिकोण से शिक्षक और शिक्षक शिक्षा की पुनर्कल्पना : भारतीय ज्ञान परंपराओं से वैश्विक शैक्षिक विमर्श तक” निर्धारित किया गया है। यह जानकारी विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।

विज्ञप्ति के अनुसार, संगोष्ठी का औपचारिक उद्घाटन 21 जनवरी को केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास के नेतृत्व में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, भारतीय विश्व कार्य परिषद, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार तथा मौलाना अबुल कलाम आज़ाद एशियन स्टडीज़ संस्थान, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार का सहयोग प्राप्त है।

उद्घाटन सत्र में प्रो. एस. सी. पांडा, पूर्व प्राचार्य, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भुवनेश्वर (एनसीईआरटी) एवं पूर्व परामर्शदाता, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई), नई दिल्ली, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

आयोजकों ने बताया कि संगोष्ठी को देशभर से व्यापक और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 150 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 200 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता की संभावना जताई गई है।

संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य देशभर के शिक्षाविदों, शिक्षक-प्रशिक्षकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और शैक्षिक कार्यकर्ताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत शिक्षक शिक्षा में प्रस्तावित सुधारों, नवाचारों और व्यावहारिक चुनौतियों पर गंभीर और सार्थक विमर्श किया जा सके।

कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपराओं के आलोक में समकालीन शैक्षिक चुनौतियों, शिक्षण पद्धतियों तथा वैश्विक शैक्षिक विमर्श में उनकी प्रासंगिकता पर विशेष फोकस रहेगा। संगोष्ठी में देशभर से आए प्रख्यात शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहने की संभावना है।

Edited By: Mohit Sinha
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Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.

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