क्या बीजेपी के पास आदिवासी चेहरे की कमी है?
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ज्योति चौहान
2014 में आदिवासी बहुल राज्य में बहुमत हासिल करने वाली राष्ट्रीय पार्टी के पास आज ख़ुद का एक चेहरा नहीं है, जिसे वह सूबे में नेतृत्व सौंप सके। 23 दिसंबर 2019 को झारखंड विधानसभा का परिणाम घोषित हुआ, जिसके बाद 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन ने शपथ ली। लेकिन विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी की ओर से अबतक न तो प्रतिपक्ष का नेता तय हुआ और न ही प्रदेश अध्यक्ष।


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पर, एक बड़ा सवाल है कि राजनीतिक कार्यकर्ता तैयार करने की नर्सरी भाजपा के पास अब अपने मौजूदा नेताओं के बीच से एक आदिवासी चेहरा नहीं है जो नेतृत्व कर सके और नेता प्रतिपक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल सके?
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Edited By: Samridh Jharkhand


