रांची विश्वविद्यालय की नई कुलपति डॉ. सरोज शर्मा की नियुक्ति रद्द करने की मांग, राज्यपाल से मिलेगा आदिवासी छात्र संघ
“गंभीर आरोपों वाली अधिकारी को क्यों बनाया कुलपति?” — आदिवासी छात्र संघ
रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदिवासी छात्र संघ ने रांची विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति डॉ. सरोज शर्मा की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठाए। छात्र संघ ने दिल्ली में दर्ज FIR, सुसाइड नोट और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग की।
रांची: रांची के जैकब हॉल में आदिवासी छात्र संघ (Adivasi Chhatra Sangh) द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने रांची विश्वविद्यालय की नवनियुक्त 45वीं कुलपति डॉ. सरोज शर्मा की नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
छात्र संघ ने डॉ. सरोज शर्मा के खिलाफ दिल्ली के समयपुर बादली थाना में दर्ज आपराधिक एफआईआर (FIR No. 863/2024) की कॉपी और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य मीडिया के सामने सार्वजनिक किए।
क्या है मामला?

संघ के अनुसार, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने डॉ. सरोज शर्मा के खिलाफ BNS की धारा 108 और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धारा 3(2)(v) एवं 3(2)(vii) के तहत मामला दर्ज किया था।
आदिवासी छात्र संघ ने दावा किया कि विवाद के बाद अक्टूबर 2024 में केंद्र सरकार की कैबिनेट कमेटी (ACC) ने उन्हें NIOS पद से प्री-मैच्योर रिपैट्रिएट कर दिया था। साथ ही गुजरात सरकार ने IITE गांधीनगर के वाइस चांसलर पद पर उनकी नियुक्ति भी रद्द कर दी थी।
आदिवासी छात्र संघ के सवाल
छात्र संघ ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर दलित कर्मचारी की संस्थागत हत्या और गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज हो, उसे किस आधार पर रांची विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया।
संघ ने आरोप लगाया कि विजिलेंस क्लीयरेंस के दौरान इन मामलों को छिपाया गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड आदिवासियों और दलितों के सम्मान की धरती है और ऐसे विवादित अधिकारियों को यहां स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राज्यपाल से मुलाकात की तैयारी
आदिवासी छात्र संघ ने महामहिम राज्यपाल से डॉ. सरोज शर्मा की नियुक्ति तत्काल रद्द करने की मांग की है।
संघ ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें दया राम, सुनील सोरेन, बादल भोक्ता, सुजीत कच्छप और वाशिम अंसारी शामिल होंगे, जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात करेगा और संबंधित दस्तावेज सौंपेगा।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्यभर में आंदोलन और विश्वविद्यालय बंद कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदिवासी छात्र संघ के कई पदाधिकारी, छात्र और छात्र नेता मौजूद थे।
Mohit Sinha is a writer associated with Samridh Jharkhand. He regularly covers sports, crime, and social issues, with a focus on player statements, local incidents, and public interest stories. His writing reflects clarity, accuracy, and responsible journalism.
