CID पूछताछ के अगले दिन निदेशक डॉ. राजकुमार का इस्तीफा, डॉ. डीके सिन्हा बने प्रभारी
CID की पूछताछ के एक दिन बाद RIMS निदेशक डॉ. राजकुमार ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया। विभाग ने इस्तीफा स्वीकार कर डॉ. डीके सिन्हा को प्रभारी निदेशक नियुक्त किया।
रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। CID की पूछताछ के एक दिन बाद ही संस्थान के निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ईमेल के जरिए स्वास्थ्य मंत्री एवं RIMS शासी परिषद के अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र भेजते हुए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। विभाग ने बिना देरी किए उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
डॉ. डीके सिन्हा को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
निदेशक के इस्तीफे के बाद संस्थान के प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित न होने देने के लिए डीन (एकेडमिक) डॉ. डीके सिन्हा को प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब अगले स्थायी निदेशक की नियुक्ति तक वही संस्थान का संचालन करेंगे।
इस्तीफे पर क्या बोले डॉ. राजकुमार?

CID की जांच के बाद बढ़ी हलचल

पहले भी विवादों में रहे निदेशक
डॉ. राजकुमार का कार्यकाल पहले भी विवादों से घिरा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के साथ उनके मतभेद कई बार सार्वजनिक हुए। पिछले वर्ष शासी परिषद की बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विवाद के बाद उन्हें पद से हटाया गया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी दोबारा बहाली हुई थी।
सफाई टेंडर को लेकर उठे सवाल
CID जिन मामलों की जांच कर रही है, उनमें सफाई व्यवस्था से जुड़े टेंडर भी शामिल हैं। आरोप है कि पात्रता पूरी नहीं करने वाली कुछ कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया में शामिल कर अनुबंध दिया गया। जांच एजेंसी इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों और निर्णय प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।
बेटे की नियुक्ति भी बनी थी विवाद का कारण
डॉ. राजकुमार अपने बेटे की नियुक्ति को लेकर भी सवालों के घेरे में रहे। आरोप लगाया गया कि संस्थान में स्वीकृत पद नहीं होने के बावजूद प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए नियुक्ति कराई गई। यह मामला अदालत तक पहुंचा था। हाईकोर्ट ने अभ्यर्थी को राहत दी थी, लेकिन विभागीय स्तर पर जांच अभी भी जारी है।
इसके अलावा यह भी आरोप लगा था कि छात्र रहते हुए उनके बेटे को RIMS की एक महत्वपूर्ण समिति में शामिल किया गया था, जिसे लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था।
CID दर्ज कर सकती है FIR
सूत्रों के अनुसार, एडमिशन प्रक्रिया और सफाई टेंडर से जुड़े दस्तावेजों की जांच में कुछ वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। CID इन तथ्यों का सत्यापन कर रही है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और समिति के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
RIMS में हुए इस घटनाक्रम के बाद अब सबकी नजर CID की अगली कार्रवाई पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कथित अनियमितताओं के लिए किन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
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