Hazaribagh News: शहर के चार थाना क्षेत्रों में अवैध सिंगल डिजिट लॉटरी का खेल तेज
जीतने की झूठी कहानियां सुनाकर किया जा रहा गुमराह
हजारीबाग के सदर, बड़ा बाजार, लोहसिंगना और मुफस्सिल थाना क्षेत्रों में सिंगल डिजिट लॉटरी का अवैध कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इस संगठित सिंडिकेट के खिलाफ विनिर्दिष्ट विधिक कार्रवाई की मांग की है।
हजारीबाग: जिले में अवैध लॉटरी कारोबार एक बार फिर तेजी से पैर पसारता नजर आ रहा है। पुलिस मुख्यालय और जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में खुलेआम सिंगल डिजिट लॉटरी और अवैध टिकटों का कारोबार जारी है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और बाजारों में संचालित यह नेटवर्क अब कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार हजारीबाग शहर के बड़ा बाजार थाना, सदर थाना, लोहसिंगना थाना तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र में सिंगल डिजिट लॉटरी का खेल धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर खुलेआम नंबर लिखे जा रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर पान दुकानों, गुमटियों और अन्य छोटे प्रतिष्ठानों की आड़ में यह कारोबार चलाया जा रहा है।


अवैध सिंगल डिजिट लॉटरी का सबसे अधिक प्रभाव निम्न एवं मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है। एजेंट लोगों को यह कहकर आकर्षित करते हैं कि थोड़ी सी राशि लगाकर कुछ ही घंटों में हजारों रुपये कमाए जा सकते हैं। 50 और 100 रुपये से शुरुआत कर लोगों को धीरे-धीरे बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। सूत्रों के अनुसार एजेंट पहले जीतने वालों की कहानियां सुनाकर भरोसा दिलाते हैं और फिर विशेष नंबरों पर दांव लगाने की सलाह देते हैं। इस लालच में लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं।
गांवों तक पहुंच चुका नेटवर्क
जानकारों का कहना है कि यह कारोबार अब केवल शहर तक सीमित नहीं रहा। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों और प्रखंडों में भी एजेंटों का नेटवर्क सक्रिय हो चुका है। गांव-गांव जाकर लोगों से पैसे लेकर नंबर लगाए जा रहे हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बड़ा बाजार, सदर, लोहसिंगना और मुफस्सिल थाना क्षेत्रों में खुलेआम सिंगल डिजिट लॉटरी का खेल संचालित हो रहा है तो संबंधित थाना पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
सूत्रों का दावा है कि इस अवैध कारोबार के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जिसमें एजेंट, संग्रहकर्ता और संचालक शामिल हैं। यही कारण है कि समय-समय पर कार्रवाई की खबरें सामने आने के बावजूद यह कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा है।
आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है कारोबार?
जब पुलिस के निर्देश मौजूद हैं, शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं और शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में खुलेआम सिंगल डिजिट लॉटरी का खेल चल रहा है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस अवैध कारोबार को संरक्षण कौन दे रहा है। यदि समय रहते इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो यह न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनेगा, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता रहेगा।
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