JPSC विवाद : JPSC-JSSC आंदोलन के 14वें दिन बिगड़ी अनशनकारी की तबीयत, राहुल कुमार अस्पताल भेजे गए
विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने आंदोलन को दिया समर्थन
JPSC और JSSC-सीजीएल सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र-छात्राओं का आमरण अनशन और सत्याग्रह 14वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान अनशनकारी राहुल कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया, जबकि छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की भी तबीयत खराब होने पर चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। आंदोलनकारियों ने भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग दोहराई और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया।
रांची: झारखंड में 14वें जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में छात्र-अभ्यर्थियों का आमरण अनशन और सत्याग्रह शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के चौथे दिन दो अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने से आंदोलन स्थल पर स्थिति गंभीर हो गई।
अनशनकारी छात्र राहुल कुमार की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सदर अस्पताल, रांची भेजा गया। इसके बाद अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की भी तबीयत खराब हो गई। उनकी बोलने की गति धीमी होने पर चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों की टीम दोनों अनशनकारियों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
आंदोलन स्थल पर दिनभर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहा। कई संगठनों और लोगों ने आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए उनके प्रति एकजुटता जताई और उनका उत्साह बढ़ाया।
आंदोलन में शामिल छात्र रितेश सिंह, सुनीता कुजूर सहित अन्य अभ्यर्थियों ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल सहित अन्य विवादित प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दोबारा आयोजित किया जाए।
आंदोलनकारियों ने घोषणा की कि 10 अगस्त को राज्यभर के छात्र रांची में विधानसभा का घेराव करेंगे। उनका दावा है कि इस प्रदर्शन में झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे।
छात्र राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि रोजगार और पारदर्शी भर्ती का वादा कर सत्ता में आई सरकार अब युवाओं की मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में छात्रों को अपने अधिकारों की लड़ाई और तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के अलावा अन्य लोग भी मौजूद रहे।









