हजारीबाग में पेपर लीक के विरोध में छात्रों ने फूंका शिक्षा मंत्री का पुतला
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक पर रोक लगाने की मांग
हजारीबाग में छात्र युवा अधिकार संघ के बैनर तले पेपर लीक, परीक्षा में कथित अनियमितता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला गया। गांधी मैदान से जिला परिषद चौक तक निकाले गए मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
हजारीबाग: देश भर और राज्यों में हो रहे पेपर लीक परीक्षाओं में लगातार अनियमितता और धांधली के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में हजारीबाग में भी पैदल मार्च निकाला गया।छात्र युवा अधिकार संघ द्वारा गांधी मैदान से जिला परिषद चौक तक पैदल मार्च किया गया,और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया।छात्रों ने नारेबाजी करते हुए मांग किया कि पेपर लीक पर रोक लगाए,सरकार की जवाबदेही तय हो,धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे,शिक्षा व्यवस्था में सुधार करो,सरकारी शिक्षा को बचाओ।जिला परिषद चौक पर नीट पेपर लीक के बाद 21 छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।
संघ के राधे मेहता ने कार्यक्रम का संचालन किया ।जीवन यादव ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और आज युवा सबसे अधिक प्रताड़ित है।नीट पेपर से शुरू हुआ यह आंदोलन आज शिक्षा व्यवस्था में सुधार का रूप ले चुकी है।सरकार के हठधर्मिता के आगे युवाओं ने दिखा दिया कि भारत के युवा अन्याय के खिलाफ एकजुट है।सालों साल छात्र पढ़ाई करते है और पेपर लीक जैसी घटना उनके मेहनत और सपने को एक झटके में तोड़ देता है।ऐसे में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
रविंद्र पासवान ने कहा कि यह आंदोलन किसी पार्टी का नहीं बल्कि युवाओं के क्रोध का रूप है।जो लगातार राज्य और केंद्र की सरकारी व्यवस्था का शिकार बनते रहे थे।इसीलिए इतने कम समय में इतना वृहद आंदोलन का निर्माण हो पाया।वैज्ञानिक पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के हड़ताल के समर्थन में,देश में पेपर लीक,परीक्षाओं में अनियमित के खिलाफ व शिक्षा और लोकतंत्र के अधिकारों की रक्षा के लिये सभी युवा छात्र आज सड़कों पर है।
अभिषेक राज कुशवाहा ने कहा कि "भारत एक लोकतांत्रिक देश है लेकिन सरकार द्वारा हठधर्मिता का परिणाम है कि यह आंदोलन लगातार बढ़ते जा रहा है जिस तरह से सोनम वांगचुक जबरन अस्पताल लाया गया,उससे यह सरकार का भय साफ दिखता है।
दीपशिखा ने कहा कि आज पूरे देश भर में और विभिन्न राज्यों में पेपर लीक, अनियमितता तथा धांधली की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। इसके सबसे बड़े भुक्तभोगी यहां के छात्र और नौजवान हुए हैं। सालों-साल मेहनत करने के बाद भी पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण आज देश का छात्र और युवा पूरी तरह हताश और निराश है।
नीरज यादव ,विनय ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुकी है, इसलिए इसे तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.


