बरसात में गुलजार हुआ साहिबगंज का मोती झरना, उमड़ रही पर्यटकों की भीड़
100 फीट ऊंचाई से गिरता मनमोहक जलप्रपात
साहिबगंज का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मोती झरना मानसून के दौरान अपनी प्राकृतिक सुंदरता के चरम पर पहुंच गया है। लगभग 100 फीट ऊंचाई से गिरता जलप्रपात, चारों ओर फैली हरियाली और झरने के समीप स्थित शिव मंदिर पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
साहिबगंज: बरसात की बूंदों के साथ ही जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मोती झरना एक बार फिर से अपने पूरे यौवन पर आ गया है। पहाड़ों से गिरता झरने का पानी और चारों ओर की हरियाली पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है। इस मौसम में मोती झरना का नजारा देखते ही बनता है। सोशल मीडिया पर भी मोती झरना की तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं। एक पोस्ट में लिखा गया - "बरसात के मौसम में हमारा प्यारा मोती झरना कुछ ऐसा दिखता है।" तस्वीर में 100 फीट की ऊंचाई से गिरता सफेद पानी और उसके नीचे भीगते लोग साफ देखे जा सकते हैं।
बरसात में मोती झरना का पानी उफान पर है। ऊंची चट्टानों से गिरता पानी दूर से ही गर्जना करता सुनाई देता है। झरने के नीचे बना कुंड बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रत्येक दिन यहां सैकड़ों लोग झरने के पानी में नहाते, सेल्फी लेते और परिवार के साथ पिकनिक मनाते नजर आ रहे हैं। झरने के ठीक बगल में स्थित शिव मंदिर की वजह से यह जगह धार्मिक आस्था का केंद्र भी है। लाल और सफेद रंग का मंदिर और उसके सामने बनी रंगीन सीढ़ियां इस जगह की सुंदरता को और बढ़ा देती हैं। हिंदू धर्म रक्षा मंच के प्रदेश महासचिव बजरंगी महतो का कहना है कि मानसून शुरू होते ही हर साल दूर-दराज से लाखों लोग मोती झरना का जलप्रपात देखने आते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। फिसलन भरी चट्टानों पर बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती जरूरी है ताकि कोई हादसा न हो।

Susmita Rani is a journalist and content writer associated with Samridh Jharkhand. She regularly writes and reports on grassroots news from Jharkhand, covering social issues, agriculture, administration, public concerns, and daily horoscopes. Her writing focuses on factual accuracy, clarity, and public interest.
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